शुकतीर्थ आने वालों के लिए अच्छी खबर: 3 मंजिला TFC तैयार; यहां एक छत के नीचे मिलेंगी ठहरने, भोजन व पार्किंग की सुविधाएं

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तीर्थनगरी शुकतीर्थ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ठहरने, भोजन और वाहन खड़े करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकने से राहत मिलेगी।

गंगा तट पर 21 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से निर्मित टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर (TFC) में यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित की गई हैं।

बेसमेंट में कार और बाइक की पार्किंग, जबकि तीन मंजिलों पर गेस्ट रूम, डाॅरमेट्री, प्रतीक्षालय और भोजनालय की व्यवस्था की गई है। भवन का निर्माण पूरा हो चुका है और फिलहाल फिनिशिंग का कार्य चल रहा है।

सेंटर के भवन का निर्माण पूरा, फिनिशिंग का कार्य जारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के द्वारा शुकतीर्थ विकास परिषद के गठन के बाद तीर्थनगरी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम कराया जा रहा है।सीएनडीएस के सहायक अभियंता रामबीर सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग के द्वारा टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर के भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। वर्तमान में फिनिशिंग का कार्य कराया जा रहा है, जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

तीन मंजिलों पर ठहरने से लेकर भोजन तक की व्यवस्था

टीएफसी के बेसमेंट में कार और बाइक खड़ी करने के लिए पार्किंग बनाई गई है। भूतल पर 150 लोगों की क्षमता वाला वेटिंग हाल और इतने ही लोगों के बैठने की सुविधा वाला डाइनिंग हाल बनाया गया है। यहां भोजन तैयार करने के लिए रसोई, चार अटैच बाथरूम वाले गेस्ट रूम, महिला, पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग शौचालय, स्टोर तथा सर्विस रूम की व्यवस्था की गई है।

प्रथम तल पर हैं छह डॉरमेट्री

प्रथम तल पर छह डॉरमेट्री बनाई गई हैं, जिनमें कुल 58 बेड की क्षमता है। इसके अलावा चार अटैच बाथरूम वाले गेस्ट रूम, मीटिंग हाल, महिला, पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग शौचालय, स्टोर तथा ड्राइवर रूम भी बनाया गया है। इससे व्यक्तिगत यात्रियों के साथ ही धार्मिक और अन्य समूहों के ठहरने की सुविधा मिलेगी।

12 बसों की क्षमता वाला कवर्ड पार्किंग स्थल

दूसरी मंजिल पर भी प्रथम तल की तरह सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां भी डारमेट्री और गेस्ट रूम की व्यवस्था है। भवन की विभिन्न मंजिलों तक पहुंचने के लिए दो जीने और लिफ्ट की सुविधा दी गई है। इसके अतिरिक्त 12 बसों को खड़ा करने के लिए अलग से कवर्ड पार्किंग स्थल बनाया जा रहा है।

भागवत कथा की उद्गमस्थली है शुकतीर्थ

मुजफ्फरनगर जिले में गंगा तट पर बसी पौराणिक तीर्थनगरी शुकतीर्थ भारतीय धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा में विशिष्ट स्थान रखती है। मान्यता के अनुसार राजा परीक्षित को मोक्ष दिलाने के लिए महर्षि शुकदेव मुनि ने इसी पावन धरा पर प्राचीन अक्षय वट वृक्ष के नीचे बैठकर सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया था। इसी कारण शुकतीर्थ को भागवत कथा की उद्गमस्थली और शुकदेव की तपोभूमि के रूप में श्रद्धा से देखा जाता है।

यहां स्थित प्राचीन अक्षयवट, शुकदेव मंदिर, गंगा घाट और विभिन्न आश्रम श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। देशभर से श्रद्धालु गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और संतों के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। पर्व और धार्मिक अवसरों पर शुकतीर्थ की आध्यात्मिक आभा देखते ही बनती है।

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