भारतीय फुटबॉल में इस समय कुछ हैरान करने वाला मामला हुआ है। एक टीम बिकी है और उसे खरीदा भी एक टीम ने ही है, लेकिन ये सौदा बच्चों के खेल से भी सस्ता हुआ है। यकीन न होगा, लेकिन हकीकत है और सौदे की रकम है महज 100 रूपये।
लंबे समय तक भारतीय फुटबॉल में अपना योगदान देने वाली कंपनी टाटा स्टील ने अपनी टीम जमशेदपुर एफसी को बेच दिया है। उसने ये सौदा किया है भारत के एक और फुटबॉल क्लब चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्टिंग क्लब से।
कंपनी के बोर्ड ने किया फैसला
टाटा स्टील ने कहा है कि उसके कंपनी बोर्ड द्वारा बनाई गई निदेशकों की कमेटी ने जेएफएसपीएल में टाटा स्टील लिमिटेड की 100 फिसदी इक्विटी हिस्सेदारी जिसमें 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 4.08 करोड़ इक्विटी शेयर शामिल हैं, को ‘100 रुपये की मामूली कीमत’ पर चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब प्राइवेट लिमिटेड (चर्चिल) को ट्रांसफर करने की अनुमति दे दी है।इस मंजूरी के बाद टाटा स्टील लिमिटेड और चर्चिल ट्रांसफर के बीच परचेज एग्रीमेंट हुआ है जिसमें कंपनी के ट्रांसफर की शर्तें और नियम तय हुए हैं। इस ट्रांसफर को अभी अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) से मंजूरी मिलनी बाकी है।
फुटबॉल से जुड़ा रहेगा नाता
हालांकि, टीम बेचने के बाद भी टाटा स्टील का नाता फुटबॉल से जुड़ा रहेगा। कंपनी के कॉरपोरेट सर्विस के वाइस प्रेसिडेंट ने डीबी सुंदरा रमाम ने कहा कि कंपनी का पूरा ध्यान अब अपनी फुटबॉल एकेडमी पर होगा। इसके अलावा वह युवा विकास के कार्यक्रम चलाती रहेगी। इसके अलावा कंपनी ने एआईएफएफ से यूथ इकोसिस्टम बनाने संबंधी करार भी किया हुआ है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

