कस्बा नाथूसरी चौपटा में हरियाणा रोडवेज विभाग के उड़नदस्ते द्वारा बिना वर्दी के बसों की चेकिंग करने तथा स्कूली छात्रों से जुर्माना वसूलने को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्ष नाथूसरी चौपटा पुलिस थाने पहुंच गए, जहां काफी देर तक बहसबाजी के बाद अंततः समझौता हो गया।
जानकारी के अनुसार रोडवेज उड़नदस्ते की टीम के सदस्य जयदेव, कृष्ण कुमार व अन्य नाथूसरी चौपटा में बसों की चेकिंग कर रहे थे। चौपटा निवासी राममूर्ति आर्य, रघुबीर कड़वासरा, सुरेंद्र कासनियां, भाल सिंह और सतवीर सिंह ने आरोप लगाया कि उड़नदस्ते के कर्मचारियों ने गांव गिगोरानी व कागदाना से चौपटा के स्कूलों में पढ़ने आने वाले बच्चों से 200 से 500 रुपये तक का जुर्माना वसूला गया।
बिना वर्दी चेकिंग पर जताया एतराज
जब ग्रामीणों ने कर्मचारियों से जुर्माने की राशि और उनके बिना वर्दी में होने पर सवाल किए तो आरोप है कि कर्मचारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और उलझ पड़े। कर्मचारियों की इस प्रतिक्रिया पर ग्रामीणों ने कड़ा एतराज जताया। ऐसा पूछने पर कर्मचारियों ने कहा कि आप पूछने वाले कौन हैं। इसके बाद कर्मचारियों ने पुलिस थाना में शिकायत देने की बात कही। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों का वर्दी में होना जरूरी है।
थाने में हुआ समझौता
इसके बाद रोडवेज कर्मचारी और क्षेत्र के गणमान्य लोग चौपटा थाने पहुंचे। सूचना मिलने पर नाथूसरी चौपटा के बस स्टैंड इंचार्ज सुरेंद्र बेनीवाल व रिटायर्ड कर्मचारी मांगेराम साहु भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्ष की बात सुनी। इसके बाद कर्मचारियों व लोगों को शांत किया। थाने में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हंगामा और बहस होती रही।
बाद में थाना परिसर में ही दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने पर मामला शांत हुआ और समझौता हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। रोडवेज कर्मचारी जयदेव ने कहा कि बसों की चेकिंग की जा रही थी। जब वर्दी के बारे में पूछा गया तो कर्मचारियों ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

