अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की अंतिम चेतावनी के अगले ही दिन मंगलवार को ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर तनाव और बढ़ा दिया।
यरुशलम पोस्ट के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने तीन ड्रोन से अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया। वहीं, कुवैत और इराक के बसरा प्रांत में भी जोरदार धमाकों की खबरें सामने आई हैं।
ईरानी मीडिया ने भी कुवैत में विस्फोटों की पुष्टि की है। उधर, ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक व्यापारिक जहाज पर हमले की सूचना ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने दी है। हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन को लेकर ओमान और ईरान के बीच समझौते की घोषणा जल्द हो सकती है।
क्रूड करीब पांच प्रतिशत टूटकर 80 डॉलर प्रति बैरल
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी इसकी उम्मीद जताई है। इन घटनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड करीब पांच प्रतिशत टूटकर 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
बता दें कि हमलों से एक दिन पहले ट्रंप ने अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया था कि ईरान के साथ नए दौर की बातचीत चल रही है और किसी समझौते तक पहुंचने का यह आखिरी अवसर है।
उन्होंने यह भी कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना की मजबूत मौजूदगी है और उसकी मंजूरी के बिना कोई जहाज वहां से नहीं गुजर सकता।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया था कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के अनुरोध पर अमेरिका ने फिलहाल नए सैन्य हमले रोक रखे हैं, ताकि कूटनीतिक समाधान की संभावना बनी रहे। उन्होंने कहा था कि बातचीत के पहले चरण में होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने और अगले चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा होगी।
हालांकि, ईरान ने ट्रंप के दावों को सिरे से नकार दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी वार्ता में शामिल नहीं है और इस तरह की खबरें निराधार हैं।
होर्मुज पर कूटनीतिक प्रयास जारी
एपी के अनुसार, कतर ने बताया कि पाकिस्तान और ओमान की मध्यस्थता से गतिरोध खत्म करने की कोशिशें जारी हैं। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावों के आदान-प्रदान और संवाद को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्काट बेसेंट ने उम्मीद जताई कि होर्मुज स्ट्रेट को सामान्य रूप से खोलने को लेकर बुधवार तक किसी समझौते की दिशा में प्रगति हो सकती है।
होर्मुज पर ईरान की नई शर्त
रॉयटर की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के संचालन को लेकर एक अस्थायी व्यवस्था पर बातचीत चल रही है।
तेहरान चाहता है कि स्ट्रेट में प्रवेश करने वाले जहाजों पर उसका नियंत्रण हो, जबकि बाहर निकलने वाले जहाजों की निगरानी का अधिकार भी उसे मिले। हालांकि, ईरान ने पहले की तुलना में अपने रुख में कुछ नरमी दिखाई है और दोनों दिशाओं के यातायात पर पूर्ण नियंत्रण की मांग से पीछे हटा है।
रूबियो बोले- परमाणु समझौता प्राथमिकता
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जारी है, लेकिन अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है जिससे अधिक जहाज सुरक्षित तरीके से इस मार्ग का उपयोग कर सकें। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि ओमान के माध्यम से जारी कूटनीतिक प्रयासों में अमेरिका भी शामिल है।
यूक्रेन ने मानी गलती, ईरान ने टाले हमले ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने दावा किया कि कैस्पियन सागर में ईरानी जहाज पर हमले के बाद तेहरान यूक्रेन पर जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार था।
लेकिन यूक्रेन द्वारा गलती स्वीकार करने के बाद प्रस्तावित हमला फिलहाल टाल दिया गया। रेजाई ने कहा कि इस घटना की क्षतिपूर्ति ईरान हर हाल में सुनिश्चित करेगा।
हूती का सऊदी अरब पर ड्रोन हमलाइस बीच, ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के कई ठिकानों, जिनमें नाजरान हवाई अड्डा भी शामिल है, पर ड्रोन हमले किए हैं।
एएनआई के अनुसार, हूती प्रवक्ता याहया सारी ने कहा कि यह कार्रवाई यमन के सादा और हज्जाह प्रांतों में कथित हवाई उल्लंघनों के जवाब में की गई। सऊदी अरब ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

