भारत में मानसून की रफ्तार धीमी चल रही है। मौसम विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि अगले दो हफ्तों में भारत में, खासकर मध्य और उत्तरी इलाकों में, औसत से कम बारिश होने की उम्मीद है।
मानसून के धीमा गति से चलने का कारण है पश्चिमी विक्षोभ यानी कि ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’। जून से सितंबर तक चलने वाला मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास दक्षिणी राज्य केरल में दस्तक देता है और जुलाई के मध्य तक पूरे देश में फैल जाता है, लेकिन इस साल केरल में मानसून के आने में तीन दिन की देरी हुई।
क्यों धीमा चल रहा मानसून?
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने सालाना मानसून की रफ्तार धीमी कर दी है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भूमध्य सागर से आने वाली मौसमी घटनाएं हैं जो उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी लाती हैं और कभी-कभी मानसून के बढ़ने में बाधा डालती हैं।
देश की सालाना बारिश का लगभग 70% हिस्सा मानसून से ही मिलता है और यह अहम जल स्रोतों को फिर से भरता है। भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग आधी खेती वाली जमीन पर सिंचाई की सुविधा नहीं है और लगभग आधी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है।
जून से सितंबर तक चलने वाला मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास दक्षिणी राज्य केरल में दस्तक देता है और जुलाई के मध्य तक पूरे देश में फैल जाता है, लेकिन इस साल केरल में इसके आने में तीन दिन की देरी हुई।
जून के पहले 10 दिनों में भारत में सामान्य से 26.5% कम बारिश हुई। मौसम विभाग ने पिछले महीने अनुमान लगाया था कि चार महीने के मॉनसून सीजन के दौरान भारत में लॉन्ग-पीरियड एवरेज (LPA) का 90% बारिश होने की संभावना है, जबकि अल नीनो के असर से जून में LPA का 92% बारिश होने की उम्मीद है।
धीमे मानसून से फसलों पर असर
मध्य और उत्तरी राज्यों में कम बारिश से चावल, कपास, सोयाबीन और दालों जैसी गर्मियों की फसलों की बुवाई में देरी हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने मॉनसून की रफ्तार धीमी कर दी है और इसे मध्य भारत में पहुंचने में कुछ और दिन लग सकते हैं।’
अधिकारी ने बताया कि मानसून अब तक केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों के साथ-साथ कर्नाटक और दक्षिणी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पहुंच चुका है, जहां अगले दो हफ्तों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि, अधिकारी ने कहा कि मध्य और उत्तरी इलाकों में इस दौरान सामान्य से काफी कम बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जून के आखिरी हफ्ते में मानसून के जोर पकड़ने की उम्मीद है। इस समय ज्यादातर राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। दोनों अधिकारियों ने अपना नाम बताने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की इजाजत नहीं थी।


