हरियाणा और चंडीगढ़ के बहुचर्चित आइडीएफसी फर्स्ट बैंक 661 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामले में जेल में बंद विचाराधीन कैदी विक्रम वाधवा को इलाज के नाम पर अस्पताल ले जाने के बाद साजिश के तहत सेक्टर-17 स्थित होटल सिटीहार्ट में परिवार व अन्य लोगों से मिलाया गया।
इस मामले में सेक्टर-17 थाना पुलिस ने सेक्टर-26 पुलिस लाइन में तैनात सब-इंस्पेक्टर जगमेहर और एएसआइ सुरिंदर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार अन्य आरोपितों में विक्रम वाधवा के बेटे करण वाधवा और कुणाल वाधवा शामिल हैं। सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार 661 करोड़ रुपये के कथित फ्राड मामले में न्यायिक हिरासत में बंद विक्रम वाधवा ने तबीयत खराब होने की शिकायत की थी। अदालत की अनुमति मिलने के बाद उसे उक्त पुलिसकर्मी निजी वाहन से इलाज के लिए सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल लेकर गए।
उपचार के बाद उसे सीधे जेल वापस ले जाने के बजाय पुलिसकर्मी उसे सेक्टर-17 स्थित उसके रिश्तेदार के होटल सिटीहार्ट ले गए। विक्रम वाधवा होटल में काफी देर तक रुका, जहां उसने आराम किया और कई लोगों से मुलाकात की। पुलिस को यह भी आशंका है कि इस दौरान फरार होने की योजना पर भी चर्चा हुई।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

