Good News: अब कोर्ट-कचहरी के नहीं लगेंगे चक्कर, खुद जज आएंगे आपके पास! जम्मू में इस जगह लगेगी कैंप अदालत

2.4kViews
1267 Shares

 जम्मू के आरएसपूरा वालों के लिए खुशखबरी है। आरएसपुरा के लोगों को अब गंभीर आपराधिक और दीवानी मामलों की सुनवाई के लिए बार-बार जम्मू नहीं जाना पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब आरएसपुरा मुंसिफ कोर्ट में द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जम्मू की कैंप अदालत शुरू होगी।

प्रारंभिक चरण में यह अदालत पखवाड़े में एक बार बैठेगी और आरएसपुरा क्षेत्राधिकार से संबंधित नए एवं अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई करेगी। उच्च न्यायालय ने इस व्यवस्था को तीन माह के लिए लागू करते हुए सभी आवश्यक प्रशासनिक, तकनीकी और आधारभूत तैयारियां पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं।

शुरुआती चरण में अति-आवश्यक मुकदमों की सुनवाई

उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल (कैंप), जम्मू की ओर से जारी आदेश के अनुसार आरएसपुरा में अदालत की बैठकों का पूर्व निर्धारित कैलेंडर जारी किया जाएगा, ताकि अधिवक्ताओं, वादकारियों और अन्य संबंधित पक्षों को समय रहते जानकारी मिल सके।

शुरुआती चरण में अदालत नए दायर होने वाले मामलों के साथ-साथ अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई करेगी। साथ ही द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को आरएसपुरा क्षेत्राधिकार से जुड़े मामलों को सीधे स्वीकार करने का अधिकार भी दिया गया है।

डिजिटाइजेशन और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड

आदेश में कहा गया है कि आरएसपुरा में दायर होने वाले सभी मामलों का संस्थापन के समय ही डिजिटाइजेशन किया जाएगा और उनका इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। मूल फाइलें सामान्य रूप से जम्मू मुख्यालय में रहेंगी, जबकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत कैंप कोर्ट में लाया और वापस ले जाया जाएगा।

कैंप कोर्ट में क्या होता है?

कैंप कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे आवश्यकता पड़ने पर हाइब्रिड मोड में भी सुनवाई की जा सके। अदालत के संचालन के लिए आवश्यक न्यायालय कर्मी भी न्यायाधीश के साथ आरएसपुरा आएंगे, जबकि प्रशासनिक कार्यों के लिए न्यूनतम स्टाफ जम्मू मुख्यालय में तैनात रहेगा।

कैंप कोर्ट के दौरान जमानत याचिकाएं, वारंट निरस्तीकरण आवेदन, आवश्यक दीवानी आवेदन तथा अन्य तात्कालिक मामलों की सुनवाई भी की जाएगी।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जम्मू को निर्देश दिए गए हैं कि जिस दिन आरएसपुरा में कैंप कोर्ट बैठेगी, उस दिन द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत को जम्मू में कोई नया मामला आवंटित न किया जाए। साथ ही कार्यभार को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी मामलों का संतुलित आवंटन सुनिश्चित किया जाए।

अभियोजन विभाग को भी निर्देश

उच्च न्यायालय ने अभियोजन विभाग को भी निर्देश दिए हैं कि कैंप कोर्ट के दौरान सरकारी अधिवक्ताओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर गवाहों, जब्त माल, केस प्रॉपर्टी और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड समय पर अदालत में प्रस्तुत किए जाएं।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जम्मू को आरएसपुरा में प्रस्तावित कैंप कोर्ट के लिए चिन्हित मुंसिफ आवास में आवश्यक मरम्मत, फर्नीचर, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन कार्यों के लिए उपलब्ध निधि का नियमानुसार उपयोग किया जाएगा। साथ ही सिस्टम ऑफिसर, जम्मू को ई-कोर्ट प्रणाली में सभी मामलों की समयबद्ध एंट्री और अपडेट सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

प्रेस और मीडिया के माध्यम से बैठकों की जानकारी

उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि सभी तैयारियां पूरी होने के तुरंत बाद आरएसपुरा में कैंप कोर्ट की नियमित कार्यवाही शुरू कर दी जाए। अदालत की बैठकों की जानकारी प्रेस, मीडिया तथा अन्य माध्यमों से व्यापक रूप से प्रसारित की जाएगी, ताकि अधिवक्ताओं और वादकारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आरएसपुरा बार एसोसिएशन ने किया फैसले का स्वागत

आरएसपुरा बार एसोसिएशन के प्रधान राहुल चौधरी ने उच्च न्यायालय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह आरएसपुरा के लोगों और अधिवक्ताओं की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत शुरू होने से लोगों को गंभीर मामलों की सुनवाई के लिए बार-बार जम्मू नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा आम लोगों को न्याय सुलभ होगा।

बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दीपक शर्मा ने कहा कि आरएसपुरा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना के लिए बार एसोसिएशन कई वर्षों से लगातार प्रयासरत थी। इस संबंध में उच्च न्यायालय और प्रशासन के समक्ष अनेक बार मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आरएसपुरा क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है और इससे न्यायिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

अभी 3 महीने के लिए लागू होगी व्यवस्था

उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था प्रारंभिक रूप से तीन माह तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद कार्यभार, व्यवहारिकता और जनहित के आधार पर इसकी समीक्षा की जाएगी। स्थायी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत स्थापित होने तक यह कैंप कोर्ट व्यवस्था लागू रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *