वॉशिंगटन/बगदाद: इराक में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इन हमलों से हुए नुकसान की भरपाई ईरान की जब्त की गई संपत्तियों और धनराशि से की जाएगी। ट्रंप के इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों, सैन्य ठिकानों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाएगा। उनका कहना था कि यदि किसी हमले में ईरान समर्थित समूहों की भूमिका साबित होती है, तो उससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी भी ईरान को ही उठानी होगी।
इराक में हालिया हमलों के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां और सैन्य अधिकारी घटनाक्रम की जांच में जुटे हैं। हमलों के पीछे जिम्मेदार समूहों और उनकी भूमिका की पुष्टि के लिए खुफिया सूचनाओं तथा अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव को और बढ़ा सकता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

