आजमगढ़: सरकारी जमीन से एक सप्ताह में हटाना होगा मलबा, नहीं मानने पर कब्जाधारकों से वसूला जाएगा खर्च
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने सरकारी जमीन पर पड़े मलबे को एक सप्ताह के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समयसीमा के अंदर मलबा नहीं हटाने पर प्रशासन स्वयं कार्रवाई करेगा और इस पर आने वाला पूरा खर्च संबंधित कब्जाधारकों से वसूला जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर मलबा और अन्य अवैध सामग्री पड़े रहने से न केवल अतिक्रमण की समस्या बढ़ती है, बल्कि सार्वजनिक कार्यों और विकास योजनाओं में भी बाधा उत्पन्न होती है। इसी को देखते हुए संबंधित लोगों को समय रहते मलबा हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद यदि सरकारी भूमि पर मलबा पाया गया, तो प्रशासन अपने स्तर पर उसे हटाने की कार्रवाई करेगा। इसके बाद कार्रवाई में होने वाला पूरा खर्च संबंधित व्यक्ति या कब्जाधारक से नियमानुसार वसूल किया जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर स्वेच्छा से मलबा हटाकर प्रशासनिक कार्रवाई से बचें और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

