करीब तीन वर्षों से अधर में लटकी जिले की तीन महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं पर फिर काम शुरू होने की उम्मीद जगी है। जिसमें फुल्लीडुमर प्रखंड के कश्मीरिया बांध का जीर्णोद्धार कार्य, कटोरिया के महेशमारा उद्धह सिंचाई योजना का कार्य और धोरैया में पीपरा मदरसा से श्रीपाथर कैनाल का जीर्णोद्धार कार्य शामिल है।
लगभग 2.38 करोड़ रुपये की लागत वाली इन योजनाओं के लिए लघु सिंचाई विभाग ने पुराने संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने के बाद नए सिरे से निविदा जारी कर दिया है। नई एजेंसी के चयन के साथ ही वर्षों से रुकी योजनाओं का काम शुरू होने की उम्मीद है, जिससे फुल्लीडुमर, कटोरिया और धोरैया प्रखंड के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन तीनों योजनाओं की निविदा पूर्व में निकाली गई थी और संवेदकों का चयन भी कर लिया गया था। कार्यादेश जारी होने के बावजूद संबंधित एजेंसियों ने समय पर कार्य शुरू नहीं किया।
विभाग की ओर से कई बार नोटिस जारी कर कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया, लेकिन संतोषजनक प्रगति नहीं होने पर संबंधित संवेदकों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इसके बाद विभाग ने पूर्व स्वीकृत प्राक्कलित राशि पर दोबारा टेंडर जारी किया है, ताकि परियोजनाओं को जल्द पूरा कराया जा सके।
निविदा के अनुसार कश्मीरिया बांध के जीर्णोद्धार कार्य पर 54 लाख रुपये खर्च होने हैं। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के नौ महीने के अंदर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। महेशमारा उद्धह सिंचाई योजना के कार्य पर 48 लाख रुपये खर्च होने हैं।
छह महीने में विभाग ने काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। पीपरा मदरसा से श्रीपाथर कैनाल के जीर्णोद्धार कार्य पर एक करोड़ 35 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साल भर में काम पूरा करने का विभाग ने लक्ष्य रखा है। तीनों योजनाओं की कुल प्राक्कलित राशि 237.921 लाख रुपये है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

