सरकारी राशन की सस्ती दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में परिवर्तित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। अब इसका निर्माण सांसद व विधायक भी अपनी निधि से करा सकेंगे। जनप्रतिनिधियों ने 21 ब्लाकों में 10-10 अन्नपूर्णा भवन बनवाने के लिए प्रस्ताव दिया है।
इस तरह 210 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कराया जाएगा। प्रथम चरण में 80 भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 में 150 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
खास बात यह है कि खाद्य एवं रसद विभाग भी अन्न्पूर्णा भवनों के निर्माण पर आठ लाख 46 हजार 200 रुपये खर्च कर खुद भी इसे बनवा सकेगा। इससे निर्माण में भी तेजी आएगी।
पंचायत भवनों को जन सुविधा केंद्र के रूप में परिवर्तित करने के बाद अब कोटे की दुकानों को भी नया रूप दिया जा रहा है। जरूरतमंदों की मुश्किलों को आसान बनाने के लिए इन्हें सहज जन सुविधा केंद्र के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। यहां से उन्हें भू-अभिलेखों के अलावा अन्य जरूरी दस्तावेज मिल सकेंगे।
प्रथम चरण में माडल के तौर पर 80 कोटे की दुकानों परिवर्तित किया गया। अब चरणबद्ध तरीके से अन्य का भी स्वरूप बदला जाएगा। जनपद में कुल 1736 ग्राम पंचायतें हैं।
सरकार की ओर से मुहैया की जा रही इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से हर गांव में पहुंचाया जाएगा। यहां सस्ते राशन की कुल दो हजार 90 दुकानें हैं। ग्रामीण के साथ ही नगरों की दुकानों को भी इस नई व्यवस्था में शामिल किया गया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

