उत्तर प्रदेश जा रही 74 वर्षीय महिला ट्रेन से उतरने के बाद जबलपुर स्टेशन पर अपने परिवार से बिछड़ गई। करीब दो दिन तक चली तलाश के बाद रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने महिला को सकुशल ढूंढकर उसके स्वजन से मिला दिया।
भावुक पल में स्वजन ने महिला को गले लगाते हुए आरपीएफ और मददगार युवकों का आभार जताया। इस दौरान आरपीएफ ने स्टेशन सहित आसपास के सैकड़ों कैमरों की फुटेज खंगाली। 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की उसके बाद महिला को ढूंढा जा सका।
आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले के मारेदुमल्ली मंडलम निवासी बी शेट्टी नागमणि अपने परिवार के पांच सदस्यों के साथ ट्रेन क्रमांक 02552 बेंगलुरु-दानापुर एक्सप्रेस के बी-2 कोच में सवार होकर विजयवाड़ा से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन जा रही थीं।
गुरुवार-शुक्रवार की मध्यरात्रि लगभग दो बजे ट्रेन जबलपुर स्टेशन पहुंची, जहां महिला किसी कारणवश नीचे उतर गईं। इसी दौरान ट्रेन रवाना हो गई और वह स्टेशन पर ही रह गईं। अगली सुबह स्वजन ने सीट पर महिला को नहीं पाया तो आरपीएफ को सूचना दी।
जबलपुर आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें महिला ट्रेन जाने के बाद रात को सवा दो बजे मुख्य स्टेशन के प्लेटफार्म पर कटनी एंड पर नजर आई। यहां यार्ड और आसपास लगातार तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। फिर शहर पुलिस की मदद से विभिन्न स्थानों के कैमरे भी खंगाले गए।
आरपीएफ ने इंटरनेट पर महिला का फोटो प्रसारित किया गया। इसके बाद महिला को रेल नंबर एक, दो, तीन और सदर चौपाटी के पास देखे जाने का पता चला। हर जगह जाकर आरपीएफ ने पूछताछ की।
अंततः दीनदयाल चौक के पास कुछ युवकों ने फोटो के आधार पर महिला की पहचान की। उन्हें शनिवार रात मुख्य स्टेशन स्थित आरपीएफ थाने पहुंचाया। वहां मौजूद स्वजन ने महिला को पहचानकर भावुक अंदाज में गले लगाया और आरपीएफ की तत्परता की सराहना की। दो दिन से जबलपुर में रुके तीन स्वजन बुजुर्ग महिला को लेकर रवाना हो गए है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

