पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के डीजल शेड में क्रेन के हुक की चपेट में आने से ग्रेड वन टेक्नीशियन की मौत

1881 Shares

 पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के डीजल शेड स्थित टीआरएस में शनिवार को कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। क्रेन के अगले हिस्से का हुक अचानक गिरने से ग्रेड वन टेक्नीशियन प्रमोद कुमार यादव (51) गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी कर्मचारियों ने आनन-फानन में उन्हें मंडल रेल अस्पताल पहुंचाया।

प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने वाराणसी स्थित हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। हालांकि वाराणसी स्थित हास्पिटल में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद रेलकर्मियों में भारी आक्रोश फैल गया। प्रमोद कुमार यादव अलीनगर थाना क्षेत्र के बसंतू की मड़ई गांव के निवासी थे। शनिवार को वह डीजल शेड टीआरएस में ड्यूटी पर थे।

बताया जा रहा है कि कार्य के दौरान क्रेन के अगले हिस्से का हुक गिर गया। जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनके सिर के आसपास गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद शेड में अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें मंडल रेल अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया। हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों का आरोप है कि शेड में मशीनों के संचालन व रखरखाव के दौरान सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है। कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बार ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

कर्मचारियों ने मशीनों की सुरक्षा जांच, कार्यस्थल पर मानकों के अनुपालन तथा हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। रेलवे प्रशासन की ओर से सुरक्षा मानकों में संभावित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच बैठा दी गई है।

जांच टीम हादसे के कारणों, क्रेन की तकनीकी स्थिति, हुक की सुरक्षा व्यवस्था व कार्यस्थल पर अपनाए जा रहे सुरक्षा प्रोटोकॉल की पड़ताल करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद डीजल शेड में कार्यरत रेलकर्मियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मशीनों व कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *