बिहार में खुले में शौच से मुक्ति की दिशा में लगातार काम चल रहा है। इसी क्रम में समस्तीपुर जिला प्रशासन की ओर से स्वच्छता और सामाजिक सम्मान के लिए विशेष पहल की गई है।
लोहिया स्वच्छता अभियान अंतर्गत वैसे वंचित 18 हजार महादलित परिवारों के घरों में शौचालय बनाया जाएगा जो किसी भी कारण से अब तक इस बुनियादी सुविधा से अछूते थे।
माना जा रहा है कि प्रशासन के इस फैसले के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच जाने की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को होने वाली परेशानी का अंत होगा। उन्हें सम्मानजनक जीवन मिल सकेगा।
कल्याण विभाग की ओर से सर्वे
इस संबंध में बताया गया कि आज से करीब छह माह पहले कल्याण विभाग के सहयोग से महादलित टोलों में एक सर्वेक्षण कराया गया था। इस सर्वे के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिले में अब भी कई ऐसे परिवार हैं जिनके घर में शौचालय नहीं है।
इसके बाद किसी भी वजह से शौचालय की सुविधा से वंचित महादलित परिवारों की सूची तैयार की गई। इसके आधार पर ग्रामीण विकास विभाग ने काम शुरू कर दिया है। उसकी ओर से इन सभी घरों में शत-प्रतिशत शौचालय बनाने का काम पूरा करने के लिए तेजी से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जीविका से ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा
सर्वे के दौरान यह बात भी सामने आई कि सरकार की ओर से शौचालय बनाने के बाद पैसे देने का प्रावधान है। इन परिवारों के पास पैसे नहीं होने की वजह से वे इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे परिवार की परेशानी को दूर करने के लिए भी सरकार की ओर से एक विशेष व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब लाभार्थियों को जीविका स्वयं सहायता समूह के माध्यम लोन देने का फैसला किया गया।
उन्हें शौचालय बनाने के लिए बिना ब्याज के 10 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके बाद यह मान कर चला जा रहा है कि उन्हें शौचालय बनाने में किसी तरह की बाधा नहीं होगी।
जैसे ही लाभार्थी शौचालय का ढांचा तैयार कर ले रहे, उनको योजना की अनुदान राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जा रही। निर्माण पूरा होने के बाद विभाग के अधिकारी इसका सत्यापन व जियो टैगिंग करेंगे।
इसके बाद सरकार की ओर से निर्धारित 12 हजार की राशि सीधे लाभुक के खाते में पहुंच जाएगी। जिसने लोन लेकर निर्माण का काम पूरा कराया है वह राशि मिलने के बाद जीविका की ओर से लिए लोन की राशि का भुगतान कर देंगे।
अधिकारियों ने किया जमीनी निरीक्षण
अभियान के तहत चल रहे कार्यों की सच्चाई का पता लगाने के लिए अधिकारी भी सक्रिय हैं। उजियारपुर प्रखंड के पतैली पूर्वी सहित विभिन्न क्षेत्रों में लोहिया स्वच्छता अभियान के जिला समन्वयक हसनैन अनवर ने खुद उन शौचालयों का भौतिक निरीक्षण किया जहां निर्माण का काम चल रहा है।
उन्होंने काम को तय समय और मानक के अनुसार करने का निर्देश दिया जिससे उनको योजना का लाभ विभाग की ओर से दिया जा सके। इसके साथ ही कर्मियों से भी कहा है कि सभी पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए।
दूसरी ओर प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे इस अभियान में हिस्सा लें और जिले को स्वच्छ बनाने में प्रशासन की मदद करें।
हर घर शौचालय का सपना
लोहिया स्वच्छता अभियान के जिला समन्वयक हसनैन अनवर ने बताया कि विभाग ने पूर्व में ही कल्याण विभाग के साथ मिलकर सभी लाभुकों का सर्वे पूरा कर लिया था। उसको आधार बनाकर 18 हजार परिवारों का चयन किया गया।
अब इन घरों में तेजी से निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही शेष बचे महादलित टोलों में भी छूटे हुए लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि हर घर शौचालय का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

