जौनपुर में स्मार्ट मीटर के ‘झटके’ से उपभोक्ता परेशान, 14,632 उपभोक्ताओं के कटे कनेक्शन

जनपद में बिजली चोरी रोकने और शत-प्रतिशत बकाया वसूली के लिए विद्युत विभाग द्वारा लागू की गई प्रीपेड मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। नए नियमों की जानकारी के अभाव और तकनीकी खामियों के बीच पिछले एक महीने में ही 14,632 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए।

आलम यह है कि इनमें से अब तक केवल 7,180 उपभोक्ताओं ने ही रिचार्ज कराकर अपनी बिजली बहाल कराई है, जबकि शेष परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। जनपद में जीएमआर कंपनी को स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।

विभाग के अधिकारी बताया जाता है कि किलोवाट के आधार पर बकाया होने पर कार्रवाई की जा रही है। विभागीय गाइडलाइन के मुताबिक दो किलोवाट के कनेक्शन पर 5,000 रुपये से अधिक बकाया होने पर कनेक्शन काट दिया जाता है।

दावा है कि इसकी सूचना उपभोक्ता को मैसेज के जरिए दी जाती है। हालांकि, धरातल पर स्थिति इसके उलट है।किसी का एक हजार तो किसी का ढाई हजार बकाया होने पर भी कनेक्शन काट दिया गया है।

कई घंटे दौड़-भाग के बाद किसी तरह कनेक्शन जोड़ा गया।इतना ही नहीं आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद अधिकांश उपभोक्ताओं का बिल काफी बढ़कर आ रहा है, जबकि लोड पहले जैसा ही है।

कागजों में बढ़ा दिया लोड, आईजीआरएस भी फेल

विद्युत विभाग की मनमानी का एक बड़ा मामला गौराबादशाहपुर के पांडेयपट्टी से सामने आया है। यहां के निवासी खरपत्तू बिंद ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि उनके पास तीन किलोवाट का घरेलू कनेक्शन था, जिसे विभाग ने बिना स्थलीय निरीक्षण किए बढ़ाकर पांच किलोवाट कर दिया।

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की, लेकिन अधिकारियों ने बिना जांच किए ही शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया। जांच में लोड तीन किलोवाट ही मिला, फिर भी कागजों में सुधार नहीं किया जा रहा है।

2,934 रुपये बकाया होने पर काट दिया कनेक्शन

नगर के नईगंज निवासी फतेह बहादुर यादव का कहना है कि उनकी मां के नाम पर दो किलोवाट का कनेक्शन है, जिसे 28 मार्च को महज 2,934 रुपये बकाया होने पर बिना किसी पूर्व सूचना के काट दिया गया।सबसे बड़ी समस्या अधिक बिलिंग को लेकर है।

जब से पुराना मीटर बदलकर जीएमआर कंपनी द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया गया है, तब से बिजली का बिल दोगुना से अधिक आ रहा है, जबकि खपत में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। प्रीपेड मीटर की कार्यप्रणाली और रिचार्ज के नियमों से उन्हें अवगत ही नहीं कराया गया है।

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