”मैं अपनी सुरक्षा के लिए (चाकू-चापड़) साथ रखती हूं। मुझे अगर कोई गाली देगा तो मैं उसे मारूंगी…मारूंगी ही नहीं, बल्कि काट डालूंगी”। यह बोल विकास खंड के एक विद्यालय में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के थे, जिन्होंने 17 जुलाई को स्कूली बच्चों के बीच चाकू व चापड़ लहराते हुए कहे थे।
प्रकरण की जांच एबीएसए मूरतगंज को सौंपी गई
बीएसए ने इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर ब्लाक संसाधन केंद्र (बीआरसी) कौशांबी से संबद्ध किया है। वहीं, प्रकरण की जांच एबीएसए मूरतगंज को सौंपी गई हैं। शिक्षिका को निलंबन अवधि के दौरान जीवन यापन के लिए सिर्फ आधा वेतन देने के लिए आदेश हैं।
कड़ा विकास खंड के विद्यालय का मामला
प्रयागराज शहर की रहने वाली इंचार्ज प्रधानाध्यापिका करीब 13 साल से कड़ा विकास खंड के एक विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका थीं। 17 जुलाई को वह स्कूल पहुंचीं तो घर से ही चापड़ व चाकू लेकर आईं थीं। बच्चों के सामने ही दोनों हाथों से चाकू व चापड़ लहराते हुए उन्होंने संवाद बोले। इसे लेकर स्कूली बच्चे व अन्य स्टाफ भयभीत हो गया। बच्चे स्कूल छोड़कर घर भाग निकले।
इंटरनेट मीडिया पर चाकू लहराते वीडियो प्रसारित
उनकी यह करतूत इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुई, जिसकी सत्यता की पुष्टि दैनिक जागरण नहीं करता। वीडियो संज्ञान में आने के बाद बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने एबीएसए सिराथू नीरज उमराव को स्कूल भेजकर जांच कराई। शिक्षिका के बाबत बच्चों व स्टाफ का बयान लिया गया। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया। वहीं, स्कूल के सहायक अध्यापक विकास सिंह की तहरीर पर सैनी थाना पुलिस ने शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा कायम कर लिया। आरोपित शिक्षिका के पास से चाकू व चापड़ बरामद किया गया था।
स्कूल में बच्चों के सामने चाकू व चापड़ का प्रदर्शन कर उन्हें भयभीत करना गंभीर मामला है। आरोपित इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को निलंबित करने के साथ ही बीआरसी कौशांबी से संबद्ध किया गया है। प्रकरण की जांच एबीएसए हिना सिद्दीकी को सौंपी गई है। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका को जीवन यापन के लिए आधा वेतन दिया जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

