प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी के साथ प्रधानमंत्री ने प्रदेश के लिए 15 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
जींद में पीएम ने अपने संबोधन की शुरुआत राम-राम से की। फिर उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती, इतिहास, वीरता और गौरव की धरती है। पीएम ने शुरुआत में हरियाणवी में लोगों को संबोधित किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि शक्ति पीठ माता जयंती का नाम और आशीर्वाद इस शहर पर बना रहता है। मेरे लिए तो जींद आना पुरानी यादों का झरोखा खोलने जैसा है। मैंने बैठे बैठे कई पुराने व परिचित चेहरे देखे। वे क्लेप करते होंगे कि मैं उनके स्कूटर पर जींद आया करता था।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं कई साल पहले संगठन के काम से जींद आया था। फिर मुझे जो अपनत्व व प्रेम मिला, वह आज तक मैं भूला नहीं हूं। मुर्राह भैंस का दूध, दही और घी, जींद का देसी बुरा और यहां का घेवर, यह वे यादें हैं, जो जींद से जुड़ ही जाती हैं। इतने बरसों में जींद का घी और जींद का घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं।
आज जींद बदल रहा है: पीएम मोदी
पीएम ने कहा आज जींद भाजपा-एनडीए के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है। बीते बरसों में पूरा हरियाणा ही विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है। आज का यह कार्यक्रम डबल इंजन की भाजपा सरकार के इसी मिशन को नई ऊर्जा से भर रहा
रेलवे के इतिहास का जिक्र किया: पीएम मोदी
पीएम ने कहा कि अगर हम रेलवे के इतिहास पर नजर डाले तो 19वीं छवि के रेलवे की पहचान भांप का इंजन था। 20वीं सदी में डीजल व बिजली से चलती और अब 21 वीं सदी की रेल हाइड्रोजन से चलने वाली है।
भारतीय रेलवे ने 21वीं सदी की इस तकनीक में बड़ा कदम उठाया है। अब यह सफर 90 किलोमीटर का है, लेकिन इसका विस्तार होने की बहुत संभावनाएं हैं। हम इस पर अनुसंधान करते रहेंगे, लागत कम कैसे हो, इसका तरीका ढूंढेंगे, एफीसेंसी बढ़ाएंगे, एक के बाद एक कदम उठाते जाएंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया में हाइडरोजन रेल करीब सात आठ साल पहले ही अस्तित्व मेंआई है। दुनिया के तीन या चार देश ही हैं, जनके पास हाइडरोजन रेलगाड़ी चलाने का सामर्थ्य है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

