सीमांत क्षेत्र पठानकोट में वीरवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई हुई। सुबह करीब साढ़े सात बजे अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश देकर जांच शुरू की। प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई का केंद्र एक स्टोन क्रेशर कारोबारी और एक प्रॉपर्टी डीलर रहे। अधिकारियों ने सभी स्थानों पर पहुंचते ही परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने स्टोन क्रेशर कारोबारी से जुड़े चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इनमें गुगरां, कीड़ी और दतियाल में संचालित स्टोन क्रेशर इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा तारागढ़ क्षेत्र में एक प्रॉपर्टी डीलर के ठिकाने पर भी टीम ने दबिश दी। सभी स्थानों पर सुबह से ही अधिकारियों की मौजूदगी बनी रही और बंद कमरों में दस्तावेजों की जांच तथा पूछताछ का सिलसिला चलता रहा।
घर में दाखिल होते हुए अधिकारी।
वित्तीय दस्तावेजों की हुई जांच
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्रवाई शुरू होते ही संबंधित परिसरों में बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों ने किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुटने लगी और पूरे इलाके में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा।
सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय की टीमें कारोबार से जुड़े वित्तीय दस्तावेज, लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच कर रही हैं। हालांकि जांच के दौरान किसी भी अधिकारी ने मीडिया से बातचीत नहीं की और न ही कार्रवाई से जुड़े किसी मामले की आधिकारिक पुष्टि की गई।
रेड के कारण अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह छापेमारी किस मामले में की जा रही है और जांच का दायरा कितना व्यापक है। इसी कारण कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। अधिकारियों ने भी जांच पूरी होने तक किसी प्रकार की जानकारी सार्वजनिक करने से परहेज किया है। फिलहाल सीमांत क्षेत्र में हुई इस एक साथ छापेमारी ने कारोबार जगत और स्थानीय लोगों के बीच व्यापक चर्चा छेड़ दी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

