गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ संभालने के लिए बनेगा अत्याधुनिक ‘होल्डिंग एरिया’, लोगों को मिलेगी राहत

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 रेलवे स्टेशन पर त्योहार, विशेष पर्व, परीक्षाओं व अन्य अवसरों पर जुटने वाली भीड़ अब इधर-उधर नहीं भटकेगी। भीड़ को प्लेटफार्मों से बाहर नियंत्रित करने के लिए ‘होल्डिंग एरिया’ (यात्रियों के ठहरने का स्थान) बनेगा। रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) के प्रस्ताव पर रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने रेलवे भर्ती बोर्ड कार्यालय (आरआरबी दफ्तर) के सामने 3325 वर्ग मीटर में निर्माण कार्य आरंभ कर दिया है।

‘होल्डिंग एरिया’ में करीब एक हजार यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। यात्रियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलेगी। ट्रेनों की अपडेट जानकारी मिलने के साथ प्लेटफार्मों तक पहुंचने की भीव्यवस्था रहेगी। पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रसाधन केंद्र होंगे।

रेल मंत्रालय की पहल पर पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर, लखनऊ, छपरा और बनारस समेत 73 स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। होल्डिंग एरिया के आसपास ही टिकट काउंटर और प्रसाधन केंद्र तैयार किए जाएंगे। सुरक्षा के मजबूत इंतजाम होंगे। जिसमें सीसी कैमरे लगाने व वार रूम स्थापित करने के साथ सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।

त्योहारों और विशेष अवसरों पर अतिरिक्त प्रवेश व निकास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ताकि, रेलवे स्टेशन पर भीड़ जुटने से पहले ही उसे नियंत्रित किया जा सके। रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज का निर्माण होगा। साथ ही भीड़ प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक बदलाव कर संभावित दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

दरअसल, महाकुंभ- 2025 के दौरान जनवरी और फरवरी में गोरखपुर समेत देश भर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जमी रही। विशेष स्नान पर्व के एक दिन पहले तो स्टेशनों पर पैर रखने की जगह नहीं बचती थी। भीड़ देख रेलवे प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए थे। गोरखपुर में तो भीड़ को नियंत्रित कर ली गई, लेकिन दिल्ली स्टेशन पर 15 फरवरी की रात भगदड़ मच गई। कई लोग असमय काल के गाल में समा गए। दिल्ली घटना के बाद रेल मंत्रालय ने देशभर के प्रमख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया था, जिसकी कवायद तेज हो गई है।

सिटी सेंटर के रूप में विकसित हो रहा गोरखपुर जंक्शन
गोरखपुर जंक्शन का पुनर्विकास हो रहा है। जंक्शन लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से सीटी सेंटर के रूप में विकसित हो रहा है। जंक्शन पर ही बजट होटल, कामर्शियल कांप्लेक्स और रेस्तरां की सुविधा मिल जाएगी। यात्री मल्टीप्लेक्स में मूवी का आनंद उठा सकेंगे। रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले लोग वाहन पार्क के करने के साथ मनमाफिक खरीददारी भी कर सकेंगे।

परिसर में ही मेट्रो ट्रेन की सुविधा मिल जाएगी। रेलवे और बस स्टेशन को जोड़ने के लिए हैंगिंग ब्रिज बनाया जाएगा। जंक्शन पर और दो नए प्लेटफार्म भी बनेंगे। नए प्लेटफार्म साउथ-वेस्ट बिल्डिंग और प्लेटफार्म एक के बीच प्लेटफार्म नंबर टू ए के सीध में बनेंगे। जंक्शन पर कुल 12 प्लेटफार्म हो जाएंगे। 07 जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी।

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