राजधानी समेत प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त, पीपीपी माडल और निजी पालीटेक्निक संस्थानों में डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए गुरुवार से काउंसिलिंग के तीसरे चरण की शुरुआत होगी। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (जेईईसीयूपी) ने इसके साथ ही विभिन्न संस्थानों की वार्षिक फीस भी निर्धारित कर दी है। निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एसके सिंह ने बताया कि राजकीय पालीटेक्निक संस्थानों में प्रथम वर्ष की वार्षिक फीस 12 हजार रुपये तथा निजी पालीटेक्निक संस्थानों में 30 हजार रुपये निर्धारित की गई है। यदि कोई संस्थान इससे अधिक शुल्क मांगता है तो विद्यार्थी इसकी शिकायत परिषद से कर सकते हैं।
शिकायत सही पाए जाने पर होगी कार्रवाई
शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को दूसरे चरण की सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी कर ली गई। अब तक 48 हजार से अधिक अभ्यर्थी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करते हुए शुल्क जमा कर चुके हैं। तीसरे चरण की काउंसिलिंग में शेष रिक्त सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।
प्रदेश के 156 राजकीय, 18 अनुदानित, 29 पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माडल तथा 162 निजी पालीटेक्निक संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जा रही है। तीसरे चरण की काउंसिलिंग से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम, विकल्प भरने, सीट आवंटन और प्रवेश की जानकारी परिषद की वेबसाइट jeecup.admissions.nic.in पर उपलब्ध है। परिषद ने बताया कि फार्मेसी पाठ्यक्रमों की काउंसिलिंग 24 जुलाई से शुरू होगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

