लोहा निगलने से हुई गाय की मौत, मालिक ने बेटी की तरह किया ‘नंदिनी’ का अंतिम संस्कार; बांटे 6 क्विंटल रसगुल्ले
सोनीपत के हसनयारपुर तिहाड़ा कलां गांव में एक अनोखी मिसाल देखने को मिली, जहां एक परिवार ने अपनी गाय नंदिनी के निधन के बाद उसकी तेरहवीं की रस्म पूरे विधि-विधान से निभाई।
18 साल तक परिवार के सदस्य की तरह रही नंदिनी के लिए 11 गांवों के लोगों को न्योता दिया गया। मनजीत तिहाड़ा ने बताया कि नंदिनी तीन महीने की बछड़ी बनकर घर आई थी। परिवार में बेटी की कमी को नंदिनी ने पूरा किया। 16 साल पहले मां को खोने के बाद परिवार ने उसे बेटी की तरह पाला। उसने 12 संतानों को जन्म देकर गौवंश को बढ़ाया।
तीन महीने की बीमारी के बाद हुआ निधन
करीब तीन महीने की बीमारी के बाद सात जुलाई को उसका निधन हो गया। परिवार का मानना है कि उसने अनजाने में कोई लोहे की वस्तु निगल ली थी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी।
तेरहवीं के कार्यक्रम की शुरुआत 11 पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ से हुई। इसके बाद सामूहिक गो-आरती की गई।
नंदिनी को पसंद थे रसगुल्ले तो…
नंदिनी को रसगुल्ले बहुत पसंद थे, इसलिए परिवार ने विशेष रूप से छह क्विंटल रसगुल्ले बनवाए। इस अवसर पर 21 ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद श्रद्धालुओं के लिए महाभोज का आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने जमीन पर बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। परिवार ने नंदिनी को सम्मानपूर्वक समाधि देकर विदाई दी। इस दौरान परिवार के साथ पूरा गांव नंदिनी को याद कर भावुक नजर आया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

