रुड़की: साढ़े तीन साल तक फर्जी प्रमाण पत्रों पर की प्रधानी, अब गई कुर्सी

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 पंचायत चुनाव में कथित फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के सहारे प्रधान की कुर्सी तक पहुंचने का मामला आखिरकार अंजाम तक पहुंच गया। भगवानपुर ब्लॉक की खेलपुर नसरुल्लापुर ग्राम पंचायत की प्रधान नीलम देवी को डीएम मयूर दीक्षित ने प्रधान पद से हटा दिया है।

वर्ष 2023 में दर्ज शिकायत से शुरू हुई जांच, विभागीय पड़ताल, प्रशासनिक सुनवाई, अपील और हाईकोर्ट तक चली कानूनी लड़ाई के बाद यह कार्रवाई हुई। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने अंतिम आदेश जारी करते हुए प्रधान की कुर्सी खाली करा दी। यह मामला पिछले साढ़े तीन वर्षों से जिले की सबसे चर्चित पंचायती विवादों में शामिल रहा।

दरअसल मामले की शुरुआत गांव खेलपुर निवासी अनिल कुमार की शिकायत से हुई थी। आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में नीलम देवी ने नामांकन के साथ फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाया और उसी के आधार पर चुनाव लड़ा। शिकायत के बाद शिक्षा विभाग से प्रमाणपत्र की जांच कराई गई।

जांच में शैक्षिक प्रमाणपत्र सही नहीं पाया गया, जिसके आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद एसडीएम भगवानपुर ने उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर नीलम देवी को प्रधान पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। नीलम द्वारा आदेश को सीडीओ हरिद्वार के समक्ष चुनौती दी, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली और एसडीएम का फैसला बरकरार रखा गया। इसके बाद नीलम देवी हाईकोर्ट पहुंचीं।

शुरुआत में उन्हें अंतरिम राहत मिली, जिससे कार्रवाई पर रोक लग गई थी। लेकिन 30 जून 2026 को हाईकोर्ट ने पूर्व में दिए गए अपने फैसलों का हवाला देते हुए उनकी याचिका का निस्तारण कर दिया। न्यायालय के फैसले के बाद डीएम मयूर दीक्षित ने पूरी पत्रावली का परीक्षण करते हुए नीलम देवी को तत्काल प्रभाव से प्रधान पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के साथ ही खेलपुर नसरुल्लापुर ग्राम पंचायत में प्रधान का पद रिक्त हो गया है और अब पंचायत में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होगी।

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