सावधान! कानपुर के दो कोल्ड स्टोर पर छापा, सीमेंट वाले रंग से लाल किए जा रहे थे आलू, 5 हजार किलो जब्त
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को बिल्हौर में अनुज कोल्ड स्टोरेज एवं एम्पा कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारा। यहां कृत्रिम रंगों से आलू की रंगाई होती मिली। जिस रंग से आलू को रंगा जा रहा था, उस रंग में सीमेंट कलर फार फ्लोर भी शामिल था। जिससे रंग कर लाल आलू बनाया जा रहा था। रंगने का पदार्थ एवं रंगीन आलू के चार नमूने संग्रहित कर गुणवत्ता जांचने को प्रयोगशाला भेज दिया है। इन नमूनों में आलू और सीमेंट कलर फार फ्लोर के दो-दो सैंपल शामिल हैं।
टीम अधिकारियों ने बताया कि आलू को चमकाने या रंगने के लिए सीमेंट कलर फार फ्लोर (लोहा आक्साइड पिगमेंट) का उपयोग करना बेहद खतरनाक और गंभीर खाद्य अपराध है। सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय संजय प्रताप सिंह ने बताया कि रंगे जा रहे आलू की मात्रा पांच हजार किलोग्राम से भी अधिक मिली है और इसकी कीमत 1.30 लाख रुपये है। टीम के अधिकारियों ने नमूना लेने के साथ ही आलू को जब्त कर लिया है।
उन्होंने बताया कि सीमेंट कलर फार फ्लोर का प्रयोग सामान्य रूप से भवन की फर्श-दीवार आदि रंगने में होता है। ये सीमेंट कलर फार फ्लोर खाने योग्य नहीं होता है। वहीं, दूसरी ओर एफएसडब्ल्यू (फूड सेफ्टी आन व्हील्स) की टीम ने सनिगवां क्षेत्र के कांशीराम कालोनी चौराहा, गुप्ता चौराहा एवं अन्य स्थानों पर भी विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच की गई। इस क्षेत्र में 41 खाद्य पदार्थों की जांच की गई। जिसमें एक नमूना फेल पाया गया।
इधर, आलू के भाव चढ़े
मानसून के सीजन में चकरपुर फल एवं सब्जी मंडी में सब्जियों की कीमतों और आपूर्ति में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। पिछले सप्ताह भर के दौरान वर्षा न होने से मंडी में सब्जियों की आवक बनी हुई है। हरी सब्जी व्यापार मंडल चकरपुर के महामंत्री प्रेम कुमार गुप्ता का कहना है कि हाल ही में हुई बारिश के बाद आलू की बिक्री और खपत में अच्छी तेजी देखी गई है। इससे भाव चढ़ने लगे हैं। अब स्थानीय स्तर पर सब्जियां कम हैं। ज्यादातर माल दूसरे राज्यों से आ रहा है। इसलिए पिछले महीने के मुकाबले बाजार में तेजी है।
स्कूल में किया जागरुक
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने चकेरी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में जागरुकता अभियान भी चलाया। यहां प्रयोगशाला के माध्यम से बच्चों, अध्यापकों एवं कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा के पहलुओं को बताया गया। उनके द्वारा लाए गए खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई। जांच के दौरान उनके खाद्य पदार्थ में मिलावट है या नहीं, इसे भी दिखाया गया।बच्चों एवं अध्यापकों से खाद्य सुरक्षा से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए गए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

