परिसीमन बिल पर सरकार का समर्थन करेगी शरद पवार की पार्टी? सुप्रिया सुले ने दिए संकेत, NDA में जाने से किया इनकार

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 क्या शरद पवार की एनसीपी उस विवादित परिसीमन बिल पर केंद्र सरकार का समर्थन करेगी? ये बिल अप्रैल में संसद में गिर गया था। उस वक्त सरकार उसे पास कराने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाई थी।

पार्टी की सांसद और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने बुधवार को संकेत दिया कि अगर सरकार राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए बिल में कोई बड़ा संशोधन करती है तो एनसीपी (शरद पवार) इस बिल का समर्थन कर सकती है।

सुप्रिया सुले ने क्या कहा?

सुले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “50 प्रतिशत वाली शर्त लिखित में दें, फिर हम चर्चा करेंगे।” सुले ने यह भी बताया कि उन्होंने बिल पर चर्चा के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए थे।

उन्होंने दावा किया कि सरकार के पास बिल में 50% की लिमिट शामिल करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा, “बिल अभी भी हमारे पास नहीं है। जब तक यह हमारे पास नहीं आता मैं इस पर बात नहीं कर सकती।”

उन्होंने कहा, “जब बिल आएगा तो हम उसका अध्ययन करेंगे और अपनी राय देंगे। महिला आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पारित हुआ था। किरेन रिजिजू ने मुझे, अरविंद सावंत (सेना यूबीटी) और असदुद्दीन ओवैसी को बुलाया था। अमित शाह भी वहां मौजूद थे। उन्होंने हमें बताया कि उन्होंने एसपी, कांग्रेस और डीएमके से भी बात की है। उनके मन में एक प्रस्ताव है।”

सुले ने कहा कि अगर परिसीमन सिर्फ आबादी के आधार पर होता है तो इससे दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय हो सकता है। उन्होंने आगे कहा, “अमित शाह और किरेन रिजिजू ने हर राज्य के लिए 50 प्रतिशत वाले फॉर्मूले का प्रस्ताव रखा था।”

सुले का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब यह अटकलें तेज हो गई हैं कि एनसीपी (शरद पवार) के एनडीए में शामिल होने और संसद में परिसीमन बिल का समर्थन करने की संभावना है।

एनडीए में शामिल होने पर क्या बोलीं सुप्रिया सुले?

एनडीए में शामिल होने की किसी भी संभावना को खारिज करते हुए सुले ने कहा कि उनकी पार्टी मजबूती से इंडी गठबंधन के साथ बनी हुई है। सुले ने जोर देकर कहा, “हमारे बारे में कई तरह की अफवाहें हैं। सारी जानकारी सूत्रों पर आधारित है। हमारी पार्टी की छवि खराब की जा रही है। हमारे कहीं और जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हम इंडी गठबंधन का हिस्सा हैं।”

परिसीमन बिल पर यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने दावा किया है कि बीजेपी 131वें संविधान संशोधन बिल के लिए समर्थन पाने के मकसद से एनसीपी (एसपी) और डीएमके को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है। सरकार इस बिल को संसद के मानसून सत्र में पेश करने की योजना बना रही है। उन्होंने इन दोनों क्षेत्रीय पार्टियों से बिल का समर्थन न करने की अपील की।

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