पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर की सभी पुरानी बिल्डिंगें टूटेंगी। उनकी जगह कारपोरेट दफ्तर बनेंगे। रेलवे बोर्ड की पहल पर रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर जंक्शन की तरह रेलवे के समस्त विभागों व दफ्तरों का भी होगा पुनर्विकास करने की कवायद शुरू कर दी है।
करीब 50 करोड़ की लागत से बनने वाली सुविधा संपन्न एक ही बिल्डिंग में एक ही छत के नीचे प्रबंधन, प्रशासन, सुरक्षा, परिचालन, वाणिज्य, इंजीनियरिंग, यांत्रिक, विद्युत, कार्मिक व लेखा आदि विभाग होंगे। भूमि पर महाप्रबंधक कार्यालय के साथ वार रूम (कंट्रोल रूम) होगा, जहां से सभी विभागों, दफ्तरों, स्टेशनों, रेल लाइनों और ट्रेन परिचालन की 24 घंटे निगरानी हो सकेगी।
महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में भवन निर्माण का खाका तैयार किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि नक्शा और माडल लगभग तैयार है। सभी विभागों से राय मांगी जा रही है। संबंधित अधिकारियों के राय-विमर्श के बाद अंतिम माडल पर निर्णय लिया जाएगा। जिसका प्रस्ताव तैयार कर बोर्ड को भेजा जााएगा।
बोर्ड की हरी झंडी मिलते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नए भवन को लेकर सभी विभागों और अधिकारियों की उत्सुकता बढ़ गई है। दरअसल, मुख्यालय गोरखपुर के सभी विभाग अलग-अलग हैं। एक-दूसरे कार्यालय में जाने में समय लगता है। निर्माण संगठन तो रेल लाइन के उस पार रेलवे सुरक्षा बल के प्रशिक्षण केंद्र के पास है।
महाप्रबंधक कार्यालय से लगायत छोटे-बड़े सभी विभाग और कार्यालय अंग्रेजों के जमाने के बने हैं। जो लगभग पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इन भवनों के मरम्मत में ही प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। ऐसे में रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर जंक्शन की तरह मुख्यालय भवनों का भी पुनर्विकास का निर्णय लिया है। फिलहाल, 139 वर्ष बाद गोरखपुर जंक्शन का पुनर्विकास आरंभ हो चुका है।
50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लगभग 500 करोड़ रुपये से गोरखपुर जंक्शन को सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्लेटफार्म नंबर दो व नौ के बीच लगभग 120 मीटर लंबा और बीच वाले नए फुट ओवरब्रिज (एफओबी) और पूर्वी एफओबी के मध्य लगभग 72 मीटर चौड़ा 8640 वर्ग मीटर में कानकोर्स बनाने की तैयारी है।
यह कानकोर्स एफओबी के समानांतर रेल लाइनों के ऊपर रूफ प्लाजा के रूप में बनेगा। जहां, ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्री लिफ्ट के माध्यम से सीधे निर्धारित प्लेटफार्म पर उतर जाएंगे। जंक्शन परिसर में ही मल्टीलेवल कार पार्किंग, कामर्शियल कांप्लेक्स, बजट होटल और सिनेमा हाल की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मेट्रो ट्रेन स्टेशन के साथ बस स्टेशन तक हैंगिंग ब्रिज का भी निर्माण होना है। स्टेशन पर एयरपोर्ट की तरह सभी उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रतिदिन लगभग एक लाख 80 हजार यात्री आवागमन कर सकेंगे।


