जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही देरी पर केंद्र सरकार को घेरा। सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 पर सुनवाई का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र ने खुद तीन चरण तय किए थे- डिलिमिटेशन, चुनाव और फिर राज्य का दर्जा।
उमर ने सवाल किया, ‘डिलिमिटेशन पूरा हो चुका, चुनाव भी हो गए और जनता ने हमें जनादेश दे दिया। अब हमारी गलती क्या है? राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अब तक क्यों लटका है?’
‘डिलिमिटेशन का मकसद बीजेपी को फायदा पहुंचाना था’
हजरतबल में बेगम अकबर जहां अब्दुल्ला (मादर-ए-मेहरबान) की 26वीं पुण्यतिथि पर एनसी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, ‘हमें पता था कि डिलिमिटेशन में हेरफेर होगा। इसका मकसद एक ही पार्टी को फायदा पहुंचाना था। फिर भी जम्मू-कश्मीर की जनता ने भाजपा और उसकी सभी टीमों को नकार दिया।’
उमर ने कहा कि चुनाव नतीजे खुद उनके लिए भी चौंकाने वाले थे। ‘लेकिन क्या अब जनता की जीत को ही उसकी सजा बना दिया गया है? अगर सब कुछ राजभवन से चलाना है, कर्मचारी वहीं से बर्खास्त करने हैं, बड़े फैसले वहीं से लेने हैं, तो चुनाव क्यों कराए? हमें हाथ बांधकर सरकार में क्यों लाया गया?’

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

