आगरा: फायरमैन जितेंद्र राठौर ‘कॉकरोच’ प्रदर्शन के बाद नौकरी से बर्खास्त, छेड़छाड़ का लगा था आरोप

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छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपित निलंबित फायरमैन को कॉकरोच बनकर दीवानी, दिल्ली और लखनऊ में प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया। विवादित फायरमैन को शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्तगी से पूर्व उसे डीसीपी मुख्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया था, जिसका उसने जवाब नहीं दिया। नोटिस की निर्धारित सीमा पूरी होने के बाद डीसीपी मुख्यालय ने बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।

बर्खास्तगी पूर्व दिए गए नोटिस का आरोपित ने नहीं दिया जवाब

फिरोजाबाद के शिकोहाबाद निवासी फायरमैन जितेंद्र राठौर के खिलाफ डीईआई की छात्रा से छेड़छाड़ का मुकदमा न्यू आगरा थाने में वर्ष 2024 में दर्ज कराया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे पद से निलंबित कर दिया गया। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

आठ जून को फायरमैन वर्दी पहनकर कॉकरोच का रूप रखकर घुटने के बल रेंगते हुए तारीख पर दीवानी पहुंचा था। दीवानी के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया। इसके बाद उसने गेट पर ही बैठकर प्रदर्शन किया था।

विभाग ने अनुशानहीनता मानते हुए फायरमैन पर की कार्रवाई

वर्दी पहनकर प्रदर्शन करने पर विभाग ने इसे अनुशासनहीनता माना है। अग्निकांड की घटना के बाद फायरमैन ने लखनऊ में भी प्रदर्शन किया था। इसके साथ ही उसने दिल्ली में भी प्रदर्शन किया था। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए डीसीपी मुख्यालय अतुल शर्मा ने निलंबित फायरमैन को बर्खास्तगी का नोटिस जारी किया गया है। आरोपित ने बर्खास्तगी नोटिस का जवाब नहीं दिया। नोटिस की समय सीमा पूरी होने के बाद शुक्रवार को डीसीपी मुख्यालय अतुल शर्मा ने फायरमैन को बर्खास्त कर दिया।

डीसीपी मुख्यालय ने अपने आदेश में लिखा कि आरोपित को अनुशासित बल में रखा जाता है तो इसका कुप्रभाव अन्य अग्निशमन कर्मचारियों पर पड़ेगा। इस कारण आरोपित को पुलिस बल में बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है। इसका कृत्य अग्निशामन विभाग में इसकी अनुपयुक्तता को प्रमाणित करता है। बर्खास्तगी नोटिस को उसके तैनाती स्थल पर भेजा गया है।

नेट परीक्षा पास कर डीईआई में लिया था प्रवेश

जितेंद्र राठौर संजय प्लेस फायर स्टेशन में तैनात रहा था। गणित विषय में नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद डीईआई में पीएचडी के लिए प्रवेश लिया था। आरोप है कि उसने छात्र-छात्राओं के ग्रुप में आपत्तिजनक मैसेज भेजे, जिसकी छात्र-छात्राओं ने शिकायत दर्ज कराई थी।

2024 में न्यू आगरा में दर्ज कराया था केस

डीईआई की छात्रा ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा वर्ष 2024 में न्यू आगरा थाने में दर्ज कराया। इसके बाद उसे विवि से निष्कासित कर दिया गया था। पीएचडी के लिए उसने विभाग से छुट्टी ली थी। विश्वविद्यालय से निष्कासित किए जाने के बाद भी उसने नौकरी ज्वाइन नहीं की।

आरोपित लगातार विभाग से छुट्टी लेता रहा। मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया और उसके सोनभद्र ट्रांसफर किया गया। बावजूद इसके उसने सोनभद्र में ज्वाइन नहीं किया।

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