‘क्या इतनी बड़ी भीड़ के लिए पर्याप्त सुरक्षा थी?’, करूर भगदड़ पर सीएम विजय ने पुलिस पर लगाए आरोप

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय अपनी रैली में हुए भगदड़ हादसे की घटना के बाद पहली बार करूर पहुंचे। सीएम विजय ने करूर भगदड़ हादसे को अपनी राजनीतिक यात्रा का सबसे गहरा घाव बताया।

मुख्यमंत्री विजय ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस भीड़ को ठीक से संभालने में नाकाम रही और पिछली DMK सरकार पर इस त्रासदी का दोष उन पर मढ़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय अपनी रैली में हुए भगदड़ हादसे की घटना के बाद पहली बार करूर पहुंचे। सीएम विजय ने करूर भगदड़ हादसे को अपनी राजनीतिक यात्रा का सबसे गहरा घाव बताया।

मुख्यमंत्री विजय ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस भीड़ को ठीक से संभालने में नाकाम रही और पिछली DMK सरकार पर इस त्रासदी का दोष उन पर मढ़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी।

कुरूर कार्यक्रम से पहले पुलिस ने नहीं दी थी चेतावनी

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले उन्हें भीड़ की चिंताओं के कारण पेरम्बलूर में एक कार्यक्रम रद करने की सलाह दी थी, लेकिन करूर कार्यक्रम से पहले ऐसी कोई चेतावनी नहीं दी गई, जबकि वहां भारी भीड़ जुटी थी।

विजय ने कहा, “नामक्कल की सभा के बाद जब हम करूर आ रहे थे, तो क्या करूर पुलिस हमें आगाह नहीं कर सकती थी? अगर उन्हें लगता कि भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जा सकता, तो वे कार्यक्रम रद कर सकते थे।

मैनें पुलिस पर भरोसा किया…

उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार था। इसके बजाय, वे हमें कार्यक्रम स्थल तक ले आए। मैंने उन पर पूरा भरोसा किया और उस दिन पुलिस अधिकारियों का शुक्रिया भी अदा किया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसी त्रासदी होगी।”

जिम्मेदार कौन है?

कार्यक्रम के प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए विजय ने पूछा, “इन सबके लिए कौन जिम्मेदार है? आदेश किसने दिए? मैं आपसे (पुलिस से) पूछता हूं, क्या इतनी बड़ी भीड़ के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई थी?”

TVK प्रमुख ने कहा कि इस त्रासदी में कई ऐसे बच्चों की जान चली गई जो उनसे मिलने आए थे, जिससे यह नुकसान उनके लिए बेहद निजी बन गया। उन्होंने कहा कि जब मेरी तस्वीर टीवी पर आती थी, तो बच्चे मुस्कुराते थे और मुझे ‘विजय अंकल’ कहकर बुलाते थे।

हमने उन मासूम बच्चों को खो दिया जो भगवान के समान थे। जब मैं दुख में था, तब भी लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया और मुझ पर आरोप लगाए कि मैं ‘भागकर छिप क्यों गया था’।

जान गवाने वालों के लिए स्मारक की घोषणा

अपनी जान गंवाने वालों की याद में एक स्मारक बनाने की घोषणा करते हुए विजय ने कहा कि TVK करूर में इसे बनाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियां इस घटना को याद रखें और ऐसी त्रासदियों का राजनीतिकरण न हो।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को हमारे खिलाफ रची गई साजिश और षड्यंत्र के बारे में जागरूक करने के लिए, ताकि कोई और राजनीतिक साजिश के बारे में सोचे भी नहीं, हम घोषणा करते हैं कि हमारी TVK की ओर से करूर में एक स्मारक बनाया जाएगा।

DMK पर साधा निशाना

सीएम विजय ने पिछली सरकार डीएमके पर निशाना साधते हुए पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार और राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया, और लोगों से आग्रह किया कि वे आगामी उपचुनाव में जिसे उन्होंने बुरी ताकत कहा उसे नकार दें।

अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति

इस कार्यक्रम से पहले, मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को पीड़ितों के परिवारों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति आदेश जारी करने की अनुमति दी, लेकिन यह स्पष्ट किया कि ये नियुक्तियां अस्थायी होंगी और सुप्रीम कोर्ट में लंबित करूर भगदड़ से संबंधित कार्रावाई के नतीजों पर निर्भर करेंगी।

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