कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में भाजपा और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में भगवान राम के घर में हुई कथित वित्तीय अनियमितता केवल चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि भगवान राम किसी एक धर्म या दल के नहीं हैं। महात्मा गांधी ने भी आजादी की लड़ाई में राम नाम का सहारा लिया था।
श्रीनेत ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद निजी सुरक्षा एजेंसी क्यों रखी गई, जबकि वह भाजपा नेता से जुड़ी बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, वे प्रेस वार्ता कर रहे हैं।
ट्रस्ट को RTI के दायरे से रखा गया बाहर
सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 में गठित राम जन्मभूमि ट्रस्ट में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों को शामिल किया गया और उसे आरटीआई के दायरे से बाहर रखा गया। उनका कहना था कि राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हुआ, लेकिन इसका राजनीतिक श्रेय प्रधानमंत्री ने लिया।
कांग्रेस गुटबाजी को बताया स्वाभाविक
पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी के सवाल पर श्रीनेत ने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन चुनाव के समय सभी नेता एकजुट होकर लड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है और हर नेता को अपनी बात रखने का अधिकार है।
उन्होंने राजा वड़िंग की मौजूदगी में घोषणा की कि कांग्रेस 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव श्री गुरु नानक देव जी के वचनों और भगवान राम के नाम पर लड़ेगी। वहीं, फिल्म ‘सतलुज’ विवाद पर उन्होंने कहा कि भाजपा की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

