बिहार के सरकारी स्कूलों में चल रही त्रैमासिक परीक्षा के दूसरे दिन गणित के प्रश्नपत्र ने छात्र-छात्राओं को अच्छा-खासा छकाया।
मैनाटाड़ प्रखंड के सभी 132 सरकारी विद्यालयों में गुरुवार को परीक्षा शांतिपूर्ण और पूरी तरह कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न हुई।
हालांकि, कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए गणित का पेपर काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ, जिसके चलते उन्हें परीक्षा हॉल में प्रश्नों को हल करने में पसीने छूट गए।
8वीं के गणित पेपर में उलझे छात्र
गुरुवार को आयोजित हुई गणित की परीक्षा में कक्षा 8 के परीक्षार्थियों को कठिन सवालों का सामना करना पड़ा। मध्य विद्यालय इनरवा की प्रधानाध्यापिका प्रियंका कुमारी ने बताया कि गणित के प्रश्नपत्र में कुछ सवाल काफी घुमावदार और जटिल थे।
इन सवालों को समझने और उनका सही हल निकालने में कक्षा 8 के विद्यार्थियों को काफी अतिरिक्त समय और मेहनत लगानी पड़ी।
यही वजह रही कि कई छात्र-छात्राएं तय समय सीमा के भीतर उत्तर लिखने के लिए संघर्ष करते दिखे। हालांकि, इसके बावजूद अधिकांश बच्चों ने धैर्य बनाए रखा और एकाग्रता के साथ अपनी परीक्षा पूरी की।
दो पालियों में हुई परीक्षा
मैनाटाड़ प्रखंड में यह परीक्षा दो अलग-अलग पालियों में आयोजित की गई थी। पहली पाली में प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 3 से लेकर कक्षा 5 तक के बच्चों ने गणित विषय की परीक्षा दी।
वहीं, दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 6 से लेकर कक्षा 8 तक के छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। सभी केंद्रों पर परीक्षा के दौरान कड़ा अनुशासन देखा गया और शिक्षकों की कड़ी निगरानी में परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हुई।
ई-शिक्षाकोष के आधार पर मूल्यांकन
ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (बीईओ) नीरज कुमार ने परीक्षा के सफल संचालन की जानकारी देते हुए बताया कि प्रखंड के सभी 132 सरकारी स्कूलों में विभागीय नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार त्रैमासिक परीक्षा के प्रश्नपत्र ई-शिक्षाकोष पोर्टल से प्राप्त गाइडलाइंस और माध्यम के आधार पर तैयार किए गए हैं।
परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से हुई है और विभाग द्वारा जारी शत-प्रतिशत दिशा-निर्देशों का जमीन पर अनुपालन सुनिश्चित कराया गया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

