बरारी घाट से महादेवपुर घाट जा रही एक बड़ी नाव गुरुवार को गंगा नदी की मुख्यधारा में तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। नाव करीब 100 मीटर आगे बढ़ी ही थी कि अचानक उसका इंजन बंद पड़ गया। नाव में बीमार महिला, बच्चे, बुजुर्ग समेत कई यात्री सवार थे। बीच नदी में नाव के रुक जाने से यात्रियों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम सक्रिय हो गई। मौके पर पहुंची टीम ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
बीमार महिला और बुजुर्गों को पहले निकाला गया
एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कुमार नीलू ने बताया कि नाव में बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। इनमें बीमार महिला, छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। इंजन बंद होने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर जरूरतमंद यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
दूसरी नाव से टोचन की भी थी तैयारी
इधर नाविक द्वारा इंजन को दोबारा चालू करने का प्रयास लगातार किया जाता रहा। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी सामने आई। इंजन जल्द ठीक नहीं होने की स्थिति में प्रशासन ने दूसरी नाव के जरिए टोचन (खींचकर ले जाने) की भी तैयारी कर ली थी।
हालांकि कुछ देर की मशक्कत के बाद इंजन फिर से चालू हो गया। इसके बाद नाव का परिचालन सामान्य हो गया और यात्रियों ने राहत की सांस ली। प्रशासन ने भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होने की पुष्टि की।
विक्रमशिला सेतु पर असर के कारण चल रही मुफ्त नाव सेवा
विक्रमशिला सेतु पर आवागमन प्रभावित होने के कारण जिला प्रशासन की ओर से बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच निःशुल्क नाव सेवा संचालित की जा रही है। दोनों घाटों के बीच बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और मोटरसाइकिलों के परिवहन के लिए नाविकों को निर्धारित राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। ऐसे में किसी भी यात्री से किराया लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
किराया वसूली की शिकायत करें यात्री
जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि यदि कोई नाविक यात्रियों से किराया वसूलता है तो इसकी शिकायत तत्काल बरारी घाट स्थित नियंत्रण कक्ष में की जाए। शिकायत मिलने पर संबंधित नाविक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यात्रियों से भी जागरूक रहने की अपील की है ताकि मुफ्त सेवा का लाभ सभी लोगों तक पहुंच सके।
अपंजीकृत नावों पर प्रशासन की नजर
प्रशासन के अनुसार केवल पंजीकृत और सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाली नावों को ही परिचालन की अनुमति दी गई है। सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरने वाली नावों का निबंधन नहीं किया गया है।
यदि कोई अपंजीकृत नाव चोरी-छिपे परिचालन करती हुई पकड़ी जाती है तो इसकी सूचना भी तत्काल नियंत्रण कक्ष को देने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील
जिला प्रशासन ने बताया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर नाव सेवा को लेकर भ्रामक और आधारहीन सूचनाएं प्रसारित कर रहे हैं। ऐसे मामलों पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है।
आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। यात्रा के दौरान यदि कोई नाविक किराया मांगता है तो इसकी जानकारी तुरंत नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


