यदि आम खाने के शौकीन हैं तो इन्हें घर लाने और सेवन करने से पूर्व आपको सावधान होना चाहिए। जिस तरह से बाजार में दूसरी चीजों में मिलावट देखी जाती है, आम के मामले में भी कुछ ऐसा ही है। दरअसल, कानूनी रूप से प्रतिबंधित और असुरक्षित होने के बाद भी आमों को पकाने में कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों का प्रयोग किया जाता है।
इस रसायन की मदद से पकाने की प्रक्रिया को देसी भाषा में पुड़िया, मसाला या पाल लगाना भी कहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कैल्शियम कार्बाइड से निकलने वाली गैस में आर्सेनिक और फास्फोरस जैसे हानिकारक तत्व भी होते हैं जो सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा जा सकते हैं।
इनसे पेट दर्द, दस्त, गले में जलन, सिरदर्द व एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इनका सेवन करने पर यह नर्व्स सिस्टम के साथ साथ लिवर पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वालों जैसे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं के लिए रसायनों से पका आम अधिक नुकसानदेह साबित हो सकता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

