‘सड़क पर चलिए तो टैक्स, श्मशान में भी टैक्स’… नई टोल नीति पर NDA सरकार पर बरसे RJD
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने बिहार सरकार की नई टोल नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्टेट हाईवे और पुलों पर टोल टैक्स लागू करने के फैसले को जनविरोधी और असंवेदनशील करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
‘महंगाई के दौर में जनता पर नया बोझ’
अरुण यादव ने कहा कि बिहार की जनता पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और घटती आय से परेशान है। ऐसे समय में सरकार राहत देने के बजाय स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लगाकर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
उनका दावा है कि इससे परिवहन लागत बढ़ेगी और खाद्य सामग्री, कृषि उत्पादों समेत रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राजद प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि संस्थागत भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के कारण बिहार सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए जनता की जेब पर बोझ डाल रही है। उनके अनुसार, यह फैसला आम लोगों के हितों के खिलाफ है।
‘सड़क से श्मशान तक टैक्स’ वाला बयान
अरुण यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जीते-जी सड़क पर चलिए तो टैक्स, मरने के बाद श्मशान घाट पर टैक्स और अंतिम संस्कार की आवश्यक वस्तुओं पर भी जीएसटी का बोझ।’ उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार को जनता की परेशानियों की कोई चिंता नहीं है।
टोल नीति वापस लेने की मांग
राजद ने राज्य सरकार से नई टोल नीति को तत्काल वापस लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सरकार को नया टैक्स लगाने के बजाय महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, भ्रष्टाचार, अपराध और अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
राजनीतिक बहस तेज होने के आसार
नई टोल नीति को लेकर बिहार में सियासत तेज होती दिख रही है। एक ओर सरकार इसे संसाधन जुटाने और सड़क अवसंरचना के विकास से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए लगातार विरोध कर रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

