हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में सड़क पर पैराग्लाइडर पायलट की क्रैश लैंडिंग का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो की असल हकीकत कुछ और है। इसे हाल ही का वीडियो बताकर प्रसारित किया जा रहा है। लेकिन यह जुलाई महीने का घटनाक्रम नहीं है। यह घटनाक्रम तीन महीने पुराना है।
वीडियो को देखकर कई लोग इसे हालिया घटना मानकर साझा कर रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। यह वीडियो अप्रैल 2026 का है और इसका वर्तमान से कोई संबंध नहीं है।
जानकारी के अनुसार यह घटना कुल्लू के बबेली क्षेत्र में अप्रैल माह के दौरान हुई थी। उस समय पैराग्लाइडिंग के दौरान तकनीकी समस्या आने से यह हादसा पेश आया था। घटना के बाद संबंधित विभाग ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई भी की थी। अब वही पुराना वीडियो दोबारा इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है।
प्रशासन की लोगों से अपील, भ्रम न फैलाएं
प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या सूचना को बिना सत्यापन के साझा न करें। अधिकारियों का कहना है कि पुरानी घटनाओं को वर्तमान बताकर प्रसारित करने से आम लोगों में अनावश्यक डर और भ्रम फैलता है। यदि किसी प्रकार की ताजा घटना होती है तो उसकी आधिकारिक जानकारी विभाग और प्रशासन की ओर से जारी की जाती है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि फर्जी या भ्रामक पोस्ट न केवल अफवाह फैलाती हैं, बल्किआपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासनिक व्यवस्था पर भी अनावश्यक दबाव पैदा कर सकती हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला पर्यटन अधिकारी डा. रोहित शर्मा ने कहा कि यह पुराना वीडियो है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि पुराने वीडियो को ताजा घटनाक्रम बताकर शेयर न करें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

