वाराणसी जनपद के शासकीय अनुदानित महाविद्यालयों द्वारा राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के प्रति उदासीनता बरतने के मामले को राज्यपाल ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के समस्त कुलपतियों को निर्देशित किया गया है कि सम्बद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित कर उनकी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का मूल्यांकन किया जाए।
इसी क्रम में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा 10 महाविद्यालयों के प्राचार्यों को नोटिस जारी कर उन्हें जनभवन में आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सभी प्राचार्यों को अपने-अपने महाविद्यालयों की शैक्षणिक, प्रशासनिक, शोध एवं अन्य गतिविधियों का विस्तृत पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करना होगा।
जिन महाविद्यालयों के प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
डॉ. राम मनोहर लोहिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भैरव तालाब, वाराणसी
महाराज बलवन्त सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गंगापुर, वाराणसी
जगतपुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जगतपुर, वाराणसी
कालिकाधाम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेवापुरी, वाराणसी
हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय, वाराणसी
उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी
श्री अग्रसेन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बुलानाला, वाराणसी
श्री बलदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़ागांव, वाराणसी
सकलडीहा स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सकलडीहा, चंदौली
लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज, मुगलसराय, चंदौली
विभागीय सूत्रों के अनुसार, बैठक में नैक मूल्यांकन की स्थिति, अधोसंरचना, शिक्षण गुणवत्ता, शोध कार्य, छात्र सुविधाएं एवं प्रशासनिक सुधार जैसे बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी। राज्यपाल की इस सख्ती को उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


