खेल-खेल में वंदे भारत पर पत्थर! 72 घंटे में ऐसे सुलझी गुत्थी, चार अभिभावकों को दी गई चेतावनी
हाजीपुर में चलती वंदे भारत एक्सप्रेस पर हुई पत्थरबाजी की घटना का रेल सुरक्षा बल (RPF) ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि यह किसी साजिश का मामला नहीं, बल्कि खेल-खेल में हुई गंभीर लापरवाही थी। घटना में चार नाबालिग बच्चों की संलिप्तता पाई गई है, जिनकी उम्र 7 से 11 वर्ष के बीच बताई गई है।
72 घंटे में ऐसे सुलझी गुत्थी
घटना 3 जुलाई की शाम की है, जब तेज रफ्तार से गुजर रही वंदे भारत एक्सप्रेस के एक कोच का शीशा पत्थर लगने से टूट गया था। सूचना मिलते ही हाजीपुर आरपीएफ पोस्ट ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
प्रभारी निरीक्षक पीके रावत के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाई।
खेलते-खेलते फेंका पत्थर
जांच के दौरान चार नाबालिग बच्चों की पहचान की गई। अभिभावकों की मौजूदगी में पूछताछ करने पर बच्चों ने स्वीकार किया कि वे रेलवे ट्रैक के किनारे खेल रहे थे और पत्थर फेंक रहे थे।
इसी दौरान उनका एक पत्थर तेज गति से गुजर रही वंदे भारत एक्सप्रेस से टकरा गया, जिससे कोच का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। सभी बच्चे सराय थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
अभिभावकों को दी गई सख्त चेतावनी
आरपीएफ ने बच्चों और उनके अभिभावकों को रेलवे सुरक्षा और ऐसी घटनाओं के गंभीर परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए कड़ी चेतावनी भी दी। मामले में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 सहित अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
आरपीएफ की लोगों से अपील
रेल सुरक्षा बल ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को रेलवे ट्रैक और रेलवे परिसर के आसपास खेलने या पत्थर फेंकने जैसी खतरनाक गतिविधियों से दूर रखें।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसी छोटी-सी लापरवाही भी सैकड़ों यात्रियों की जान को खतरे में डाल सकती है और किसी बड़े रेल हादसे की वजह बन सकती है। रेलवे ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

