आसमान में बादलों की आवाजाही जरूर बनी हुई है, लेकिन वर्षा को लेकर मौसम की बेरुखी ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बादलों को चकमा देकर निकल रही तेज धूप नमी का साथ पाकर ऐसा असर दिखा रही है कि लोग दिन ही नहीं, रात में भी पसीने से तर-बतर हो रहे हैं।
स्थिति यह है कि घरों के भीतर पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। हालांकि मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय पड़ रही उमस भरी गर्मी के बीच उम्मीद की किरण दिखा रहे हैं। आठ जुलाई तक राहत की मंडलीय वर्षा का पूर्वानुमान जता रहे हैं। उनके अनुसार उससे पहले भी स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के चलते कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है लेकिन वह गर्मी से राहत दिलाने वाली साबित नहीं होगी।
आंकड़ों की बात करें तो शनिवार को अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन हवा में मौजूद नमी ने हीट इंडेक्स इतना बढ़ा दिया कि लोगों को 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गर्मी का अहसास हुआ।
दोपहर में सड़कों पर निकले लोगों के चेहरे तपिश से लाल दिखे तो शाम ढलने के बाद भी गर्म हवाओं और चिपचिपी उमस ने चैन नहीं लेने दिया। न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस रहने से रात भी बेचैन रही।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। चूंकि वातावरण में पर्याप्त नमी बनी रहेगी और बादलों के बीच से धूप निकलेगी, ऐसे में हीट इंडेक्स बढ़ा रहेगा और लोगों को तापमा से अधिक की गर्मी का अहसास होता रहेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

