पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं से अपहरण और गैंगरेप मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस घिनौने कृत्य के पीछे फिरौती का नहीं, बल्कि लाखों डॉलर के क्रिप्टोकरेंसी विवाद का खौफनाक कनेक्शन सामने आ रहा है।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का पोता, रजा डार है।
दरअसल, नीदरलैंड और वेनेजुएला की पीड़ित महिलाओं ने कोर्ट के सामने दिए बयान में आरोप लगाया है कि उन्हें बंधक बनाकर न सिर्फ उनका यौन उत्पीड़न किया गया, बल्कि बंदूक की नोक पर उनकी क्रिप्टो करेंसी के पासवर्ड और पैसे भी मांगे गए।
एस्ट्रिड के बयान के अनुसार, पाकिस्तान पहुंचने के तुरंत बाद हथियारबंद लोग लाहौर स्थित उस आवास में घुस गए, जहां वह और उसकी दोस्त स्टेफानी एड्रियाना ठहरी हुई थीं।
पीड़ितों में से एक, एस्ट्रिड गैब्रिएला रॉबिन्सन ब्राचो का बयान जज के सामने दर्ज होने के बाद खुलासा हुआ है कि हमलावरों ने मुझे बंधक बनाने के बाद फिरौती नहीं बल्कि बार-बार क्रिप्टो करेंसी की मांग कर रहे थे। इशाक डार का पोता रजा डार लगातार पैसे और पासवर्ड की मांग करता रहा।
एस्ट्रिड ने आगे आरोप लगाया कि हमलावरों में से एक ने उसके सिर पर वार किया, जबकि दूसरे ने दोनों महिलाओं को पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। हमलावरों ने दोनों महिलाओं से कहा कि अगर पैसे नहीं दोगे तो मार डालेंगे।
कैद के दौरान यौन उत्पीड़न
एस्ट्रिड ने मजिस्ट्रेट को बताया कि बाद में उसे ऊपर के एक बेडरूम में ले जाया गया, जहां उसने आरोप लगाया कि दो पुरुषों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया, इस दौरान एक अन्य व्यक्ति राइफल लेकर पहरा दे रहा था।
पीड़ित महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने कि जब मैं रो रही थी तो वे हंस रहे थे, उसने मुझे थप्पड़ मारकर चुप रहने को कहा।
उसने यह भी दावा किया कि रजा डार ने पैसे हासिल करने के प्रयास में उसके मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके उसके जान-पहचान के लोगों से संपर्क किया। शुरू में किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में उसे पता चला कि स्टेफानी की मां ने 100,000 डॉलर का इंतजाम कर लिया था।
एस्ट्रिड ने आरोप लगाया कि पैसे मिलने के बाद, डार ने उन्हें बताया कि वे जाने के लिए स्वतंत्र हैं, उनके पासपोर्ट लौटा दिए और उन्हें हवाई अड्डे की ओर ले गया।
8 जुलाई को होगी अगली पेशी
इस मामले में लाहौर की एक अदालत ने चार संदिग्धों, रजा डार, हसन रजा, सिकंदर खान और साजिद अली को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस को अभी वारदात में इस्तेमाल हथियार और क्रिप्टो करेंसी का पैसा बरामद करना है। आरोपियों की अगली पेशी 8 जुलाई को होगी।
एआरवाई न्यूज के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के बाद दोनों पीड़ित महिलाएं कथित तौर पर पाकिस्तान छोड़ चुकी हैं, जिससे आगे का केस जटिल हो सकता है। ॉ
क्या है पूरा मामला?
जांचकर्ताओं के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्ट पर काम करते समय महिलाओं की पहली मुलाकात अक्टूबर 2025 में सिंगापुर में डार से हुई थी। पुलिस का आरोप है कि डार ने बाद में उन्हें बिजनेस वीजा पर पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया।
पीड़ित महिलाओं के अनुसार, 29 जून को जब वे लाहौर पहुंची तो उसके तुरंत बाद उनका अपहरण कर लिया गया, उन्हें एक घर में ले जाया गया, उनके साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उन्हें बंधक बनाकर रखा गया, इसके बाद उन्हें छोड़ने के लिए पैसे की मांग की गई।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

