जहानाबाद में अंधाधुंध फायरिंग: 1 की मौत, 6 गंभीर; वारदात से पुलिस महकमे में हड़कंप
जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र में शनिवार को अवैध बालू खनन को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। घटना चैती पिपरा के पास फल्गु नदी घाट की है, जहां वर्चस्व को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। फायरिंग में सात लोगों को गोली लगी, जिनमें एक की मौत हो गई। वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।
बालू उठाव को लेकर शुरू हुआ विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार फल्गु नदी से बालू उठाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई। कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से हथियार निकल आए।
नदी घाट गोलियों की आवाज से गूंज उठा और वहां मौजूद मजदूर व ग्रामीण जान बचाकर भागने लगे। घटना के बाद आसपास के गांवों में भी अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
एक की मौत, छह जिंदगी और मौत से जूझ रहे
फायरिंग में रामपुर निवासी धीरज कुमार के सीने में गोली लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। चैती पिपरा निवासी सुधीर कुमार, दिनेश राम, विजय कुमार, अजय कुमार और रेशम कुमार भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
गिंजी गांव निवासी विष्णु कुमार भी इस गोलीबारी में जख्मी हुए हैं। सभी घायलों को पहले जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, बालू माफियाओं की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही घोसी और हुलासगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
फायरिंग में शामिल लोगों और कथित बालू माफियाओं की पहचान की जा रही है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घाट पर पुलिस कैंप, इलाके में हाई अलर्ट
खूनी संघर्ष के बाद फल्गु नदी घाट और आसपास के गांवों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है।
प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी तरह की नई हिंसा न हो। घटना के बाद अवैध बालू खनन के नेटवर्क पर भी सवाल उठने लगे हैं।पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

