सिंगरौली। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित Safe Click 2.0 साइबर जागरूकता अभियान के तहत सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सिंगरौली षियाज के.एम. ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए और वास्तविक घटनाओं के माध्यम से उन्हें डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन, पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक रीवा रेंज हेमंत चौहान के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सिंगरौली षियाज के.एम. के नेतृत्व में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर चर्चा की और कहा कि सोशल मीडिया स्वयं में गलत नहीं है, लेकिन इसका उपयोग सोच-समझकर और सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में हर सुविधा के साथ जोखिम भी जुड़े हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एसपी ने कहा, “फ्री में कुछ भी नहीं मिलता।” उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप पर फर्जी ऑफर लिंक, फ्री गेम, डबल पैसा कमाने का लालच, टेलीग्राम के जरिए निवेश, फ्री मूवी डाउनलोड लिंक, वर्क फ्रॉम होम और कम कीमत में सामान दिलाने जैसे ऑफर साइबर अपराधियों के सबसे बड़े हथियार बन चुके हैं। शुरुआत में ठग लोगों का विश्वास जीतते हैं और बाद में बड़ी रकम ठग लेते हैं।

उन्होंने एक डॉक्टर के साथ हुई साइबर ठगी का उदाहरण देते हुए बताया कि घर बैठे कमाई का झांसा देकर पहले लाभ दिखाया गया, लेकिन जब पैसा निकालने का समय आया तो खाते को होल्ड कर दिया गया और संपर्क समाप्त कर दिया गया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ऑनलाइन दिखने वाला हर मुनाफा वास्तविक नहीं होता।
कार्यक्रम के दौरान डिजिटल अरेस्ट, फेक पुलिस कॉल और ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराधों की जानकारी भी दी गई। एसपी ने स्पष्ट किया कि कोई भी असली पुलिस अधिकारी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से पैसे नहीं मांगता और न ही किसी को डराकर कार्रवाई करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि ऐसे किसी भी कॉल से घबराएं नहीं और तुरंत अपने परिजनों या पुलिस को जानकारी दें।

विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी पुलिस अधीक्षक ने सरल भाषा में उत्तर दिया। एक छात्र द्वारा ऑनलाइन वीडियो देखने के बाद ब्लैकमेल किए जाने संबंधी प्रश्न पर उन्होंने कहा कि डर या शर्म के कारण चुप रहना सबसे बड़ी गलती है। यदि कोई व्यक्ति ब्लैकमेल करे या पैसे मांगे तो तुरंत माता-पिता, शिक्षक अथवा पुलिस को इसकी सूचना दें।
उन्होंने यह भी बताया कि अनजान लिंक, स्क्रीन शेयरिंग एप और संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड करने से मोबाइल का डेटा चोरी हो सकता है तथा बैंकिंग फ्रॉड, फोटो-वीडियो के दुरुपयोग और जासूसी जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच अवश्य करें।

निवेश और ट्रेडिंग से जुड़े प्रश्न पर एसपी ने कहा कि डबल या तिगुना मुनाफा, गारंटी प्रॉफिट और सुरक्षित निवेश का लालच देकर साइबर अपराधी लोगों को ठगते हैं। उन्होंने सलाह दी कि केवल पंजीकृत और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें तथा किसी भी अनजान लिंक, टेलीग्राम ग्रुप या व्हाट्सएप संदेश के आधार पर निवेश न करें।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ओटीपी, पासवर्ड, बैंक डिटेल, यूपीआई पिन और अन्य निजी जानकारी किसी से साझा न करने की सलाह दी गई। साथ ही फर्जी कस्टमर केयर, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, फर्जी नौकरी, लोन एप, गेमिंग फ्रॉड, फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल, डीपफेक और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से बचने के उपाय भी बताए गए। एसपी ने कहा कि साइबर सुरक्षा का सबसे बड़ा नियम है—“रुकें, सोचें, जांचें और फिर क्लिक करें।”

विद्यालय के प्राचार्य ने सिंगरौली पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के डिजिटल दौर में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को जिम्मेदार और सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेंगे।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। उन्होंने संकल्प लिया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करेंगे, ओटीपी और पासवर्ड साझा नहीं करेंगे, ऑनलाइन लालच में नहीं आएंगे तथा किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत अपने परिजनों या पुलिस को सूचना देंगे।
अंत में सिंगरौली पुलिस ने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

