जिन्हें चलना सिखाया, दादा-दादी ने उन्हीं दो मासूमों को दी अंतिम विदाई; नहर में बहे तीसरे बच्चे की तलाश अभी जारी

 मोहाली के निकट सरहिंद नहर में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस आंगन में कुछ दिन पहले तक तीन मासूम बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है। बुधवार को बलौंगी स्थित श्मशान घाट में छह वर्षीय तनवी और दस वर्षीय तपिश को नम आंखों के बीच अंतिम विदाई दी गई, जबकि चार वर्षीय नितिन का अब भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

घटना के 72 घंटे बाद भी गोताखोर लगातार नहर में उसकी तलाश में जुटे हैं। श्मशान घाट का माहौल बेहद भावुक था। बच्चों के दादा-दादी ने भारी मन से अपने पोते-पोती की अंतिम रस्में निभाईं। वहां मौजूद लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं, जब बुजुर्ग दंपती ने उन बच्चों को अंतिम विदाई दी, जिन्हें उन्होंने उंगली पकड़कर चलना सिखाया था। परिवार के सदस्यों का दर्द हर चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था।

मां के पहुंचते ही शुरू हुई बहस

इसी दौरान बच्चों की मां शकुंतला उर्फ सुमन भी श्मशान घाट पहुंची। यहां उसकी ससुराल पक्ष से आमने-सामने मुलाकात हुई। दोनों पक्षों के बीच कुछ देर बातचीत और बहस भी हुई, लेकिन स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, जिन्हें लेकर पुलिस जांच कर रही है।

बच्चों के दादा बाबू राम ने कहा कि उनके लिए यह जीवन का सबसे बड़ा दुख है। उनका कहना है कि जिन बच्चों को उन्होंने अपने हाथों से पाला-पोसा, आज उन्हीं को मुखाग्नि देनी पड़ी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की।

मां ने लगाया घरेलू प्रताड़ना का आरोप

दूसरी ओर शकुंतला का कहना है कि वह लंबे समय से घरेलू प्रताड़ना और मानसिक तनाव का सामना कर रही थी। वहीं ससुराल पक्ष का कहना है कि परिवार पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शकुंतला के पति की करीब दस महीने पहले आत्महत्या से मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार में परिस्थितियां लगातार बदलती रहीं। फिलहाल पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि घटना तक पहुंचने वाली परिस्थितियां क्या थीं।

घटना के बाद महिला को निकाला, बच्चे बहे

सोमवार को हुई इस घटना में स्थानीय लोगों ने शकुंतला को नहर से बाहर निकाल लिया था, लेकिन तीनों बच्चे तेज बहाव में बह गए। मंगलवार देर शाम दो बच्चों के शव बरामद कर लिए गए, जबकि चार वर्षीय नितिन की तलाश लगातार जारी है। बचाव दल नहर के अलग-अलग हिस्सों में खोज अभियान चला रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि मां, दादा-दादी और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे परिवार की निगाहें उस मासूम नितिन की तलाश पर टिकी हैं, जिसकी एक झलक पाने का इंतजार अपनों को अब भी है।

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