टनकपुर से कैलाश मानसरोवर की यात्रा पांच जुलाई से शुरू हो जाएगी। यह यात्रा चार जुलाई की शाम टीआरसी गेस्ट हाउस पहुंच जाएगी।
बताया जा रहा है कि इस संबंध में कुमाऊं आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हल्द्वानी कैंप कार्यालय में संपन्न हो चुकी है।
पांच जुलाई से शुरू होगी यात्रा
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार बृजवाल ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पांच जुलाई से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पांच जुलाई को श्रद्धालुओं के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर टीआरसी टनकपुर से लिपुलेख-गुंजी के लिए रवाना करेंगे।
इस संबंध में रावत ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को सुगम, सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराए जाने के निर्देश दिए। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं को भी अधिक बेहतर बनाने के निर्देश दिए। टीआरसी के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि कुल 10 दल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना होंगे।
प्रत्येक दल में लगभग 50 श्रद्धालु होंगे। टनकपुर से दल की कैलाश मानसरोवर यात्रा 18 दिन की होगी। बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2025 में पहली बार कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ किया था। पिछले वर्ष पांच दलो में 250 यात्रियों ने पंजीकरण किया था। जिसमें 13 लोग अनफिट हो गए और 237 ने दर्शन किए।
इस बार पहले दल के 50 सदस्य 30 जून को दिल्ली में एकत्रित होंगे। एक जुलाई को मेडिकल, वीजा आदि की प्रक्रिया, दो जुलाई को आईटीचीपी कैंप में मेडिकल, तीन जुलाई को शुल्क आदि की प्रक्रिया, चार को दल टनकपुर टीआरसी पहुंचेगा। पहला दल पांच जुलाई की शाम को धारचूला पहुंचेगा।
यात्रा के पड़ाव में धारचूला, गुंजी, नाभीडांग के बाद चीन में प्रवेश होगा। दूसरा दल आठ जुलाई, तीसरा 12 जुलाई, चौथा 16 जुलाई, पांचवां 20 जुलाई, छठा 24 जुलाई, सातवां 28 जुलाई, आठवां एक अगस्त, नौवां पांच अगस्त, 10वां दल नौ अगस्त को पहुंचेगा। प्रत्येक दल रात में टनकपुर विश्राम के बाद अगले दिन आगे रवाना होगा।


