तमिलनाडु पुलिस पुलिस ने गुरुवार को डीएमके के पूर्व मंत्री और कोयंबटूर साउथ के विधायक वी. सेंथिल बालाजी के भाई अशोक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने सत्ताधारी पार्टी टीवीके के एक विधायक को 35 करोड़ रुपये का लालच देकर पार्टी छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश की थी।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और बाद में कांग्रेस और उन अन्य पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाई, जिन्होंने डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के हिस्से के तौर पर चुनाव लड़ा था।
चेन्नई पुलिस ने पांच और लोगों को किया गिरफ्तार
चेन्नई पुलिस ने हाल ही में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने एक टीवीके विधायक को पाला बदलने के लिए मनाकर सरकार गिराने की साजिश रची थी। यह मामला टीवीके विधायक एन इलैयाराजा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें सत्ताधारी पार्टी छोड़ने के लिए बार-बार ऑफर दिए गए और धमकियां भी दी गईं।
टीवीके विधायक को 35 करोड़ रुपये ऑफर करने का आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर विधायक से बातचीत की और समर्थन के बदले उन्हें 35 करोड़ रुपये देने का ऑफर दिया। जांचकर्ताओं का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक नरेश ने बताया कि इलैयाराजा से संपर्क करने से पहले वह चेन्नई में अशोक कुमार से व्यक्तिगत रूप से मिला था। उसने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि उसने अशोक कुमार और सेंथिल बालाजी के कहने पर टीवीके विधायक से संपर्क किया था।
पुलिस अब आरोपियों और ऑपरेशन को अंजाम देने वाले संदिग्ध लोगों के बीच हुई कथित मीटिंग्स, पैसे के वादों और बातचीत की जांच कर रही है। जांचकर्ता पूछताछ के दौरान इकट्ठा किए गए इलेक्ट्रॉनिक सबूत, कॉल रिकॉर्ड और दूसरी चीजों की भी जांच कर रहे हैं।
जांच के दौरान दर्ज बयानों के आधार पर पुलिस ने अशोक कुमार के खिलाफ कानून के चार नियमों के तहत केस दर्ज किया है, जिसमें प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराएं भी शामिल हैं।
कांग्रेस के समर्थन से चल रही टीवीके सरकार
सरकार बनने के बाद से एआईएडीएमके के कई विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा देकर टीवीके का दामन थाम लिया है, जिससे सदन में सत्ताधारी पार्टी की ताकत बढ़ गई है। हालांकि, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन का लगातार यह कहना रहा है कि टीवीके सरकार के पास स्थिर बहुमत नहीं है और उन्होंने बार-बार दावा किया है कि राज्य में कभी भी नए विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।


