तीन साल पहले एट थाना प्रभारी द्वारा दो आरोपितों को चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर गैंग्सटर की कार्रवाई किए जाने के मामले में सुनवाई पूरी होने पर अपर जिला जज ने दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
30 अगस्त 2023 में दोपहर एक बजे के लगभग एट थाना प्रभारी केपी सरोज टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गैंग लीडर हमीरपुर थाना बिंवार ग्राम धनपुरा निवासी रोहित उर्फ गोविंदा व जिले के कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम जमरेही निवासी राज उर्फ आशीष अहिरवार किसी घटना को अंजाम देने के लिए घूम रहे हैं।
थाना प्रभारी ने दोनों को गिरफ्तार किया और उनका आपराधिक इतिहास खंगाला तो पता चला कि 14 अप्रैल 2023 को कोटरा मोड़ के पास एक युवती रोशनी की हत्या में भी दोनों का संलिप्तता है। जिसका मुकदमा ग्राम ऐंधा निवासी शीलम ने दर्ज कराया था। इसके पहले भी दोनों आरोपित कई मामलों में जेल जा चुके हैं।
थाना प्रभारी एट केपी सरोज ने दोनों का गैंग्सटर में चालान करते हुए जेल भेज दिया था। गैंग्सटर के मामले की तीन साल बाद गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई तो साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अपर जिला जज भारतेंदु सिंह ने दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई और 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।


