विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत 30 जुलाई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने कांवरियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली है।
इस बार धौरी से लेकर दर्दमारा तक 54 किलोमीटर कांवरिया पथ पर चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और एंबुलेंस की व्यापक व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को इलाज के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
21 स्थानों पर अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र
स्वास्थ्य विभाग ने कांवरिया पथ पर 21 स्थानों पर अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र संचालित करने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों पर चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, आवश्यक दवाएं, एंबुलेंस तथा दो से दस बेड तक की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मेला अवधि में यहां 24 घंटे चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।
श्रद्धालुओं के उपचार के लिए इस बार 121 प्रकार की आवश्यक दवाओं की उपलब्धता रहेगी। इसके लिए राज्य मुख्यालय को दवाओं की मांग भेज दी गई है और समय पर सभी दवाएं उपलब्ध हो जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि कांवरिया पथ का अधिकांश हिस्सा बांका जिले में पड़ता है, इसलिए बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद जरूरी है।
कांवरिया पथ पर 16 एंबुलेंस तैनात रहेंगी
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरे कांवरिया पथ पर 16 एंबुलेंस तैनात रहेंगी। आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग ने सभी एंबुलेंस को आवश्यक चिकित्सा उपकरणों से लैस रखने की तैयारी की है।
यहां रहेंगे स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बेलहर के धौरी धर्मशाला, शिवलोक रैन शेल्टर, जमुई धर्मशाला, जोरियापार एवं चंदन नगर, चांदन के दांडी घुटिया, अबरखा धर्मशाला, सतलेटवा, तिनसिमानी, हरखार धर्मशाला, स्वास्थ्य उपकेंद्र गोड़ियारी और झाझा धर्मशाला तथा कटोरिया के दलसिंहसराय धर्मशाला, मेला नियंत्रण कक्ष, कांवरिया धर्मशाला, छपरहिया धर्मशाला, इनारावरण धर्मशाला, भूतनाथ धर्मशाला, मिथिला धर्मशाला और शिवोहम बालाजी धर्मशाला सहित कुल 21 स्थानों पर स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जाएंगे।
तीन दर्जन से अधिक चिकित्सकों को मेला ड्यूटी
सीएस डॉ जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन-दो के अनुपात में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। करीब तीन दर्जन से अधिक चिकित्सकों को मेला ड्यूटी में लगाया गया है।
डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रावणी मेला के दौरान प्रत्येक कांवरिया को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।


