नीट-पीजी-2026 परीक्षा के लिए आवेदन करने और उसमें शामिल होने की अनुमति देने की मांग को लेकर दो डॉक्टरों की याचिका पर अंतरिम राहत देने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इंकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा व न्यायमूर्ति विनोद कुमार की पीठ ने अंतरिम आदेश पारित करने से इंकार करते हुए एएफटी के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया।
पीठ ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि याचिकाकर्ताओं ने 2025 के नियमों की वैधता पर सवाल उठाए हैं, उन्हें अंतरिम उपाय के तौर पर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने का कोई आधार नहीं बनता।
पीठ ने यह भी कहा कि ऐसी राहत देने का मतलब होगा 2025 के नियमों के अमल को रोकना, जबकि उनकी वैधता पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।
याचिकाकर्ता डॉक्टरों मेजर जयंती चंद्रा व मेजर ईशान सेगन ने आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज के मेडिकल/नाॅन-टेक्निकल अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग और प्रोफेशनल प्रोग्रेशन नियम- 2025 के तहत बदली हुई योग्यता शर्तों को चुनौती दी है और यह मामला अभी आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (एएफटी) में लंबित है।


