नेपाल में सक्रिय मानसून को देखते हुए सड़क विभाग ने नागढुंगा-मुग्लिन सड़क खंड पर विशेष आपदा पूर्व तैयारी योजना लागू कर दी है। विकास सहायता कार्यान्वयन महाशाखा के प्रमुख अर्जुनजंग थापा ने बताया कि भूगर्भीय अध्ययन में इस सड़क के नौ स्थानों को अत्यधिक भूस्खलन संभावित क्षेत्र घोषित किया गया है।
लगातार वर्षा के दौरान इन स्थानों पर कभी भी पहाड़ दरक सकता है। ऐसी स्थिति में भारत-नेपाल सीमा सोनौली के रास्ते काठमांडू जाने वाले भारतीय पर्यटक, तीर्थयात्री और अन्य यात्री मार्ग में फंस सकते हैं। अर्जुनजंग थापा के अनुसार झ्याप्ले खोला, खत्रीपौवा, सिक्रे खोला, (कोइरालेभिर), मछेडी खोला और घाटबेशी को सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्र चिह्नित किया गया है।
सड़क चौड़ीकरण के कारण कई स्थानों पर पहाड़ी ढलान कमजोर हुई है, इसलिए इस बार मानसून के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है। विभाग ने बताया कि झ्याप्ले खोला और महेश खोला क्षेत्र में स्लोप मैनेजमेंट, रॉक एंकरिंग, माइक्रो पाइलिंग तथा रिटेनिंग वॉल का निर्माण कराया गया है।
नौबिसे, महादेवबेसी, चिरौदी और घाटबेशी में एक्स्कावेटर, लोडर, टिपर तथा तकनीकी टीमों को 24 घंटे तैनात रखा गया है, ताकि भूस्खलन होने पर सड़क को शीघ्र खोला जा सके।


