महाराष्ट्र में ओला, उबर जैसी एप-आधारित टैक्सी से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उन टैक्सी ड्राइवरों और कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जो यात्रियों से जबरन टिप मांगते हैं या एप पर दिख रहे किराए से ज्यादा पैसों की मांग करते हैं।
समझिए क्यों उठाया गया ये कदम?
बता दें कि पिछले कुछ समय से यात्रियों की तरफ से लगातार शिकायतें आ रही थीं कि कैब बुक करने के बाद ड्राइवर उन पर अतिरिक्त पैसे या टिप देने का दबाव बनाते हैं। कई मामलों में ड्राइवरों ने शर्त रख दी कि अगर टिप नहीं दी, तो वे ट्रिप पूरी नहीं करेंगे या राइड कैंसिल कर देंगे। इस वजह से देर रात या इमरजेंसी के वक्त यात्रियों को बीच रास्ते में फंसना पड़ता था।
मंत्रियों और नेताओं ने उठाया कदम
कल्याण के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस गंभीर मुद्दे को सरकार के सामने उठाया। उन्होंने कहा कि अपनी मर्जी से टिप देना एक अलग बात है, लेकिन यात्रियों को इसके लिए मजबूर करना सीधे तौर पर उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।
बनेगी नई नीति
मामले में महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए गुरुवार को राज्य परिवहन आयुक्त को तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए। सरनाईक ने साफ कह कि यात्रियों से उनकी मर्जी के खिलाफ जबरन पैसे वसूलना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आगे बताया कि महाराष्ट्र सरकार जल्द ही एप-आधारित टैक्सी सेवाओं को रेगुलेट करने के लिए एक मजबूत और नई नीति तैयार कर रही है। इसमें किराए की पारदर्शिता, यात्रियों की सुरक्षा, शिकायतों का निपटारा और कंपनियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अब जानिए सरकार की तैयारी
ऐसे में अब राज्य सरकार ने इस पूरे मामले में अपनी दोहरी तैयारी तेज कर दी है। इस बात को ऐसे समझिए कि यह कार्रवाई इसलिए भी खास है क्योंकि अब सरकार सिर्फ गलत किराए की जांच नहीं करेगी, बल्कि ड्राइवरों द्वारा यात्रियों को परेशान करने और जबरन पैसे वसूलने की आदतों पर भी शिकंजा कसेगी।


