पादरी बाजार से फातिमा बाईपास मार्ग पर रामप्यारे कांप्लेक्स के सामने बुधवार शाम एक गाय खुले नाले में गिर गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर गाय को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद नगर निगम को सूचना दी गई। हालांकि रातभर कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। करीब 20 घंटे तक गाय नाले में फंसी रही और बाहर निकलने के लिए संघर्ष करती रही।
गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने रस्सियों की मदद से काफी प्रयास के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे। स्थानीय दुकानदारों और क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बताया कि इस मार्ग का फोरलेन निर्माण हुए करीब चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन लगभग 100 मीटर तक नाले पर अब तक स्लैब नहीं डाली गई है।
लोगों का कहना है कि रात में सड़क पर पर्याप्त रोशनी भी नहीं रहती, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। उनका आरोप है कि इससे पहले भी कई पशु इस खुले नाले में गिर चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।
शहर में बीते दिनों नालों में गिरने की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। कुछ दिन पहले रामजानकी नगर क्षेत्र में नाले में गिरने से एक गाय की मौत के बाद लोगों ने विरोध जताया था। वहीं पादरी बाजार क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की भी जान जा चुकी है। दो दिन पहले इसी इलाके से करीब एक किलोमीटर आगे खुले नाले में गिरने से एक युवक की मौत का मामला भी सामने आया था।
इन घटनाओं के बाद नगर आयुक्त अजय जैन ने अधिकारियों को खुले नालों को चिह्नित कर स्लैब लगाने और बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद खुले नालों से खतरा बरकरार है और जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।


