जिले के कैथल ब्लॉक का गांव भानपुरा। इस गांव में सरकार की महत्वपूर्ण अमृत सरोवर योजना के तहत वर्ष 2023 में दो तालाबों के सुंदरीकरण व खुदाई का कार्य शुरू हुआ था।
दोनों तालाबों के जीर्णोद्वार को लेकर सरकार की तरफ से एक एक करोड़ 86 लाख 49 हजार रुपये की राशि को मंजूरी दी गई थी, इनमें से संबंधित एजेंसी ने एक करोड़ 40 लाख रुपये की राशि से तालाबों के सुंदरीकरण पर खर्च कर दी। इसमें से एक तालाब पर 1.22 करोड़ रुपये तो दूसरे तालाब पर 18 लाख सात हजार रुपये की राशि खर्च की गई है। ढाई से तीन एकड़ में फैले इन तालाबों पर इतनी मोटी रकम खर्च होने के बावजूद बदहाल पड़े हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाबों पर खर्च की गई राशि में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। धरातल पर पैसा कम खर्च हुआ, जबकि कागजों में ज्यादा हुआ है। करोड़ों रुपये की राशि खर्च होने के बावजूद तालाब सुंदर नहीं बल्कि बदहाल नजर आते हैं। तालाबों पर साफ-सफाई नहीं, गोबर के उपले नजर आ रहे हैं। पानी बिल्कुल गंदा हो गया है, जो पशुओं के पीने लायक नहीं है।
दोनों तालाबों पर लगाई 18 स्ट्रीट लाइट, सभी खराब
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों ही तालाब गंदगी से अटे हैं। खानापूर्ति के लिए तालाबों पर तारबंदी की गई है, लेकिन यह महज दिखावे के लिए है। तार पूरी तरह से जंग खा चुकी है, लगाए गए पोल की क्वालिटी भी घटिया है।
इसी तरह से स्ट्रीट लाइट 18 लगाई गई थी, जो कुछ दिन बार ही खराब हो गई। तालाब पर बनाए गए बर्म की मिट्टी खिचक चुकी है, इस कारण ग्रामीणों को हादसे का डर बना रहता है।
तालाबों के आसपास व अंदर गंदगी जमा है। पीने लायक पानी न होने के कारण पशु पालकों को काफी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब के चारों तरफ कोई पेड़-पौधे नहीं लगाए गए हैं, तालाब में जो मिट्टी निकली है, उसी से मिट्टी का फुटपाथ बना दिया गया है, वहां भी लगाए गए ब्लाक उखड़-खाबड़ हो चुके हैं, जिससे हादसे का डर लोगों में बना रहता है।


